*बांसोड़ा अग्रवाल समाज की परंपरा है*

सारंगढ़ । होली के बाद आने वाले पहले सोमवार को अग्रवाल समाज द्वारा बांसोड़ा या शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाते है । इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है और विशेष मान्यता के अनुसार पूरे दिन बासी भोजन ( एक दिन पहले बना हुआ खाना ) ग्रहण किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन घरों में चूल्हा या गैस नहीं जलाया जाता। इसलिए एक दिन पहले ही पूरी, पकौड़ी, कढ़ी, मीठे चावल, गुलगुले, पूड़ी-सब्जी आदि व्यंजन बनाकर रख लिए जाते हैं व सोमवार सुबह ग्राम ठाकुर देव जहां पर नीम का पेड़ हो वहां सूर्योदय से पूर्व पूजा सपरिवार करते हैं और उसी बासी भोजन को परिवार के सभी सदस्य प्रसाद के रूप में खाते हैं । कहा जाता है कि – माता शीतला ठंडे और बासी भोजन से प्रसन्न होती हैं और उनके आशीर्वाद से परिवार को रोगों से सुरक्षा, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस दिन महिलाएँ सुबह स्नान कर शीतला माता के मंदिर में पूजा-अर्चना करती हैं और परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं ।


