कलेक्टर ने हाईस्कूल छिंद का किया औचक निरीक्षण, स्मार्ट क्लास शुरू नहीं होने पर शिक्षकों को लगाई फटकार
विद्यार्थियों को दी कैरियर मार्गदर्शन की सीख, नियमित अध्ययन और समाचार पत्र पढ़ने के लिए किया प्रेरित
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 25 जून 2026
36garhnewsupdate.com
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत हाईस्कूल छिंद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की कक्षाओं, स्मार्ट क्लास और लैब का जायजा लिया। साथ ही महतारी सदन के निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान स्मार्ट क्लास और लैब में रखे कंप्यूटरों पर धूल जमी होने तथा कपड़े से ढके पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभारी शिक्षक से स्मार्ट क्लास शुरू नहीं होने की जानकारी ली और कार्य में लापरवाही पर फटकार लगाई। कलेक्टर ने कहा कि शैक्षणिक सत्र शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद कंप्यूटर कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। उन्होंने सभी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास का समुचित उपयोग नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित शिक्षकों एवं प्राचार्य को भी निर्देशित किया। उन्होंने ग्राम सरपंच को विद्यालय की पढ़ाई और शिक्षकों की उपस्थिति पर नियमित निगरानी रखने के लिए कहा।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बच्चों से अपने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा इसे परिवार की नियमित आदत बनाने का आग्रह किया। इस दौरान छात्रा पुष्पा साहू और छात्र शौर्य डहरिया ने गीले एवं सूखे कचरे के प्रबंधन की जानकारी प्रस्तुत की।
विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि बच्चों को नियमित और गंभीरता से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई का उद्देश्य केवल अधिक घंटे बैठना नहीं, बल्कि पढ़े गए विषय को समझना और उसकी जानकारी होना है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया, ताकि सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों की समझ विकसित हो सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने विद्यार्थियों को कैरियर विकल्पों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि कक्षा 11वीं और 12वीं के बाद विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकास, आईटीआई एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों का चयन कर सकते हैं। मैकेनिक, मिस्त्री, तकनीकी कर्मचारी सहित विभिन्न रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के माध्यम से बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।


