तिल्दा नेवरा

धान खरीदी केंद्र छतौद में किसानों ने दिया धरना : प्रशासन की आश्वसता के पश्चात  छोड़ी मोर्चा!



तिल्दा-नेवरा ।  तिल्दा विकासखंड के ग्राम छतौद स्थित धान खरीदी केंद्र में किसानों ने टोकन की अव्यवस्था, धान सत्यापन में हो रही परेशानियों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जोरदार नाराजगी जताते हुए धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने खरीदी केंद्र परिसर तिल्दा विकासखंड के ग्राम छतौद स्थित धान खरीदी केंद्र में किसानों ने टोकन की अव्यवस्था, धान सत्यापन में हो रही परेशानियों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जोरदार नाराजगी जताते हुए धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने खरीदी केंद्र परिसर में बैठकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अब तक टोकन व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित बनी हुई है। कई किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है, वहीं कुछ किसानों को बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार तारीख बदलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसानों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि धान सत्यापन की प्रक्रिया भी बेहद जटिल और धीमी कर दी गई है। सत्यापन के नाम पर किसानों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मामलों में धान की गुणवत्ता को लेकर बिना स्पष्ट जानकारी दिए आपत्ति दर्ज कर दी जाती है, जिससे किसानों को दोबारा धान सुखाने या साफ करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे परिवहन खर्च और मजदूरी का अतिरिक्त बोझ किसानों पर पड़ रहा है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खरीदी केंद्र में न तो पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध हैं और न ही किसानों को सही जानकारी देने की कोई ठोस व्यवस्था है। पूछताछ करने पर कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, जिससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को बार-बार लौटना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि जल्द ही टोकन व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और सत्यापन प्रक्रिया को सरल नहीं बनाया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों की मांग है कि सभी पंजीकृत किसानों को पारदर्शी तरीके से टोकन जारी किए जाएं, धान सत्यापन में अनावश्यक सख्ती बंद हो और खरीदी केंद्र में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि टोकन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और सत्यापन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद किसानों ने फिलहाल धरना समाप्त किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कुल मिलाकर ग्राम छतौद के धान खरीदी केंद्र में किसानों का यह धरना प्रशासन के लिए एक गंभीर संकेत है कि खरीदी व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है, ताकि किसानों को उनका हक समय पर और बिना परेशानी के मिल सके। बैठकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अब तक टोकन व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित बनी हुई है। कई किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है, वहीं कुछ किसानों को बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार तारीख बदलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसानों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि धान सत्यापन की प्रक्रिया भी बेहद जटिल और धीमी कर दी गई है। सत्यापन के नाम पर किसानों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खरीदी केंद्र में न तो पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध हैं और न ही किसानों को सही जानकारी देने की कोई ठोस व्यवस्था है। पूछताछ करने पर कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, जिससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को बार-बार लौटना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि जल्द ही टोकन व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आंदोलन में तेजी लाया जावेगा।
सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि टोकन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और सत्यापन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद किसानों ने फिलहाल धरना समाप्त किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कुल मिलाकर ग्राम छतौद के धान खरीदी केंद्र में किसानों का यह धरना प्रशासन के लिए एक गंभीर संकेत है कि खरीदी व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है, ताकि किसानों को उनका हक समय पर और बिना परेशानी के मिल सके।

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