सीएम हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन हेतु अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
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1076 पर दर्ज होगी शिकायत, जानकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेगी…
कोण्डागांव, छत्तीसगढ़। 31 मई 2026
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा के प्रभावी एवं सुचारू संचालन के लिए जिला कार्यालय के सभाकक्ष में शनिवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई, अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
प्रशिक्षण के दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार अशोक चौबे एवं प्रशिक्षक पवन तिवारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायतों की ट्रैकिंग, समयबद्ध निराकरण हेतु एसएलए (सर्विस लेवल एग्रीमेंट) आधारित व्यवस्था, समाधान उपरांत नागरिक संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा तथा एमआईएस डैशबोर्ड के जरिए सतत निगरानी शामिल है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का कॉल सेंटर 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। शिकायत दर्ज होते ही उसकी सूचना सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेगी, जिससे शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण की निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत पंजीयन, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एकीकृत, सुलभ एवं विश्वसनीय मंच उपलब्ध कराना है। शिकायतों के निराकरण का प्रयास सात दिनों के भीतर किया जाएगा तथा मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक केंद्रीकृत एवं तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। नागरिक फोन, व्हाट्सएप, वेब पोर्टल, मोबाइल एप तथा लिखित आवेदन के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।
शिकायतों के निराकरण के लिए चार स्तरीय व्यवस्था निर्धारित की गई है। एल-1 स्तर पर ब्लॉक, एल-2 स्तर पर जिला, एल-3 स्तर पर संभाग अथवा निदेशालय तथा एल-4 स्तर पर सचिव अथवा विभागाध्यक्ष स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होने पर वह स्वतः अगले स्तर पर अग्रेषित हो जाएगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही में वृद्धि होगी और नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीएम अजय उरांव सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।



