खरीफ सीजन 2026: किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था, कालाबाजारी पर सख्ती – कृषि मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर, आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ लगातार काम कर रही हैं।
मंत्री ने जानकारी दी कि डीएपी जैसे फास्फेटिक उर्वरकों के अनियमित उठाव की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे अन्य किसानों को दिक्कत हो सकती है। ऐसे में किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी भूमि और पात्रता के अनुसार ही उर्वरकों का भंडारण करें, ताकि सभी को समान रूप से लाभ मिल सके।
सरकार ने वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए किसानों को शत-प्रतिशत पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। खरीफ सीजन में उर्वरकों का वितरण एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज रकबे के आधार पर किया जाएगा। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वैकल्पिक पोषण पर जोर, नील-हरित काई का उत्पादन शुरू
राज्य में वैकल्पिक पौध पोषण के लिए “नील हरित काई” (ब्लू-ग्रीन एल्गी) के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा इसका मदर कल्चर तैयार किया जा रहा है, जिसका बड़े पैमाने पर उत्पादन अप्रैल से शुरू होगा। इससे किसान वायुमंडलीय नाइट्रोजन का उपयोग कर फसलों को पोषण दे सकेंगे और यूरिया पर निर्भरता कम होगी।
इसके साथ ही हरी खाद के रूप में ढेंचा और दलहनी फसलों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके लिए मंडी निधि से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
नैनो उर्वरक से कम लागत में अधिक उत्पादन
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में नैनो उर्वरकों की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन संभव होगा। किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
कालाबाजारी पर सख्त नजर
उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए उड़न दस्ते और निरीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
धान खरीदी में बना रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने धान खरीदी में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले तीन खरीफ सीजन में करीब 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिससे किसानों को लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
किसानों के हित में सरकार अलर्ट
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है।


