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स्नैपशॉट स्टोरीज ” प्रकृति का श्रृंगार फोटो प्रदर्शनी का हुआ प्रदर्शन …

वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीनारायण लहरे

36gadrnewsupdetरायपुर । रायपुर शहर के कला वीथिका संस्कृति भवन, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन रखा गया । फोटो प्रदर्शनी का आयोजन जैरी कोशी के द्वारा किया गया । फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र में

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन श्री वी.श्रीनिवास (सेवानिवृत्त महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), राजेश स्वर्णकार(प्रसिद्ध फोटोग्राफर) , प्रो. निसरीन हुसैन, श्रीमती एकता, श्री टी.के. जोसेफ तथा श्रीमती रंजना शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित छायाचित्रों की विविधता एवं सौंदर्य की सराहना की हुई । दो दिवसीय यह प्रदर्शनी आमजन के अवलोकन हेतु 26 अप्रैल रात 8 बजे तक खुली रहेगी ।

प्रदर्शनी में लगे सारे चित्र

फोटोग्राफस जेरी कोशी के हैं। प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर रायपुर के बड़ी संख्या में नागरिकों ने उपस्थित होकर प्रदर्शित छायाचित्रों की सराहना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

जैरी कोशी के बारे में संक्षिप्त परिचय जिन्होंने फोटो प्रदर्शनी का आयोजन रखा । कोशी एक पूर्व बैंकर हैं । पंजाब नैशनल बैंक में अधिकारी के रुप में सेवारत रहे। भिलाई जन्म स्थान रहा यही से ही अध्ययन के बाद नौकरी लगने तक भिलाई को गौरवान्वित करते रहे ।

सेवाकाल मे होने वाले स्थानांतरण और विभिन्न यात्रा के दौरान आपके अंदर की अद्भुत अवलोकन शक्ति को निखार मिलता गया। जिसे उन्होने छायाचित्रों के माध्यम से मूर्त रुप देने का प्रयास किया।

जैरी कोशी को हमेशा से मोटर साइकिलिंग का शौक रहा है। मोटर साइकिल पर हजारों किलोमीटर की यात्रा की है। आपने भिलाई-लेह-भिलाई 1996 जैसी महत्वाकांक्षी यात्रा (4500 किमी)में भी अपनी सहभागिता दर्ज की। हाल ही में आयोजित लेह-मनाली 450 किमी सायकिल यात्रा में सम्मिलित होकर अपनी दृढ़ इच्छा-शक्ति का परि

चय दिया।

बैंकिंग कार्य और निज जीवन की व्यस्तता के बीच इनका फोटोग्राफी के प्रति अगाध प्रेम भी पनपता रहा। कवि हृदय होने के कारण स्वभाविक रुप से रुझान प्रकृति की ओर प्रवृत्त हो गया। उगते सूरज और ढलती शामों के बीच से झांकते प्रकृतिक नज़ारे इनका लक्ष्य बन गये।

छाया चित्रों की यह प्रदर्शनी *”स्नैपशाट स्टोरीज़”* जो *’प्रकृति के श्रृंगार’* पर आधारित है, ना केवल प्रदर्शनी है अपितु यह पूरे जीवन की झांकी है जिसमें जिज्ञासा जुनून और दृढ़संकल्प छलकता है।

शहर वासियों ने फोटो प्रदर्शनी का आनंद लेते हुए उनके तस्वीरों के पहलुओं को समझे ।

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