CHHATTISGARHबिलाईगढ़

संतुलित उर्वरक प्रयोग पर जागरूकता प्रशिक्षण

 

36gadrnewsupdet बिलाईगढ़।कलेक्टर डाँ संजय कन्नौजे के निर्देश पर कृषि क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आत्मा एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेज मेंट एजेंसी के द्वारा कृषकों हेतु जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिलाईगढ़ के ग्राम मिर्चीद के कृषको ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर विस्तृत जानकारी दी गई। वरिष्ठ क़ृषि विकास अधिकारी कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि – उर्वरकों का अंधा धुंध उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक उपयोग करने की सलाह दी। हरी खाद, एजोला आदि उत्पाद तैयार क़र खेतो में प्रयोग से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ाती है, मिट्टी को ढीला बनाती है और पोषक तत्वों की आपूर्ति करती है। साथ ही नैनो यूरिया नैनो डीएपी, उपयोग व महत्त्व, डीएपी के विकल्प के रूप में ssp एवं npk के बारे में भी बताया गया। कार्य क्रम में प्रकाश कुमार थवाईत ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर ने उर्वरक के वैकल्पिक उत्पाद जीवामृत बीजामृत, हरी खाद से मिट्टी की उर्वरता में वद्धि होती है रासायनिक उर्वरकों पें निर्भरता कम होती है। जिस से लागत में कमी एवं उत्पादन में वृद्धि संभव हो सके। इस अवसर पर क्षेत्रीय कृषि विकास अधिकारी एसी. लहरें ग्रामीण क़ृषि विस्तार अधिकारी मनोज, ग्राम के प्रगतिशील किसान एवं सरपंच पिता पंचराम साहू व कृषक उपस्थित।

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