परशुराम जयंती पर विप्र समाज की भव्य शोभायात्रा निकली

36gadrnewsupdet सारंगढ़। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विप्र समाज द्वारा भगवान परशुराम जयंती बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए सभी शुभ कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है। इसी तिथि पर माता रेणुका के गर्भ से भगवान विष्णु ने परशुराम अवतार लिया था। नगर के सभी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन हुए। दिन में बड़े मठ परिसर में उपनयन संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
रात्रि में विप्र समाज द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जो बड़े मठ से प्रारंभ होकर छोटे मठ, नंदा चौक, जय स्तंभ चौक होते हुए नगर भ्रमण कर पुनः बड़े मठ पहुंची । शोभायात्रा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही, वहीं युवा वर्ग भी उत्साह पूर्वक शामिल हुआ। शोभायात्रा में शामिल गीतांजलि रथ से धर्मिक संदेश प्रसारित किए गए, जिसमें बताया गया कि अक्षय तृतीया सतयुग एवं त्रेतायुग की प्रारंभ तिथि मानी जाती है। इसी दिन बद्रीनारायण, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते हैं तथा बांके बिहारी मंदिर में विशेष दर्शन का महत्व होता है। अक्षय शब्द का अर्थ है -जो कभी समाप्त न हो । इस दिन किया गया पूजा, दान और निवेश जीवनभर शुभ फल प्रदान करता है। शोभा यात्रा में सैकड़ों महिलाएं, पुरुष, युवा एवं युवतियां शामिल होकर आयोजन को भव्यता प्रदान की।

