नारी सशक्तिकरण राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है – शिवकुमारी

36gadrnewsupdet सारंगढ़। जिपं सदस्य श्रीमती शिव कुमारी अनिल साहू में कहां कि – नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संसद में पारित न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि देश की 70 करोड़ महिलाओं की आकांक्षाओं पर पानी फेरने जैसा है । यह केवल एक विधेयक नहीं बल्कि भारत की आधी आबादी के सम्मान, समान अवसर और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी का प्रतीक है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा माता बहनों से की गई क्षमा याचना उनके संवेदनशील, जवाबदेह व जन समर्पित नेतृत्व का सशक्त प्रमाण है। जो यह स्पष्ट करता है की नारी सशक्ति करण उनके लिए कोई राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है ।यह एक ऐसा संकल्प जिसे हर हाल में पूर्ण होते देखना चाहते हैं।दुर्भाग्यवश कांग्रेस समर्थित पार्टी ने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ को राष्ट्रहित के ऊपर रखते हुए इस ऐतिहासिक पल में बाधा उत्पन्न की । यह विरोध केवल एक विधेयक का विरोध नहीं बल्कि देश की उन करोड़ों बहनों की आकांक्षाओं, अरमानों के विरुद्ध है जो अपने अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी की अपेक्षा रखती है। इतिहास गवाह है कि जब-जब नारी शक्ति सशक्तिकरण के निर्णायक अवसर आए हैं तब तब कुछ राजनीतिक शक्तियों ने प्रगति की राह में अवरोध खड़े करने का प्रयास किया है।


