भाजपा महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन बिल पास कराना चाह रही थी – कांग्रेस

36gadrnewsupdet सारंगढ़। जिला कांग्रेस कार्यालय में महिला जिला अध्यक्ष सरिता गोपाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े, विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे के साथ ही साथ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की उपस्थिति एवं महिला कांग्रेस की उपस्थिति में प्रेस वार्ता संपन्न हुई।जिस प्रेस वार्ता में पत्रकारों के द्वारा विभिन्न प्रश्न किए गए, जिनका उत्तर कांग्रेस नेताओं और नेत्रियों के द्वारा दिया गया। विधायक जांगड़े ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह बात कही कि -कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में थी और है । भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा कि -कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, इस लिए संसद में बिल पास नहीं हो सका। भाजपा झूठ बोल रही है, महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधि नियम 2023, 106 वां संविधान संशोधन 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है व राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी है तथा यह कानून भी बन चुकी है।
आधी आबादी के साथ पाप कैसे कर लेते हैं आप। जिस का उत्तर कविता प्राण लहरें के द्वारा दिया गया, भाजपा 16 अप्रैल 2026 को जो विधेयक संसद में प्रस्तुत की वह 131 वां संविधान संशोधन अधिनियम था। यह महिला आरक्षण के संदर्भ में नहीं अपितु भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को पास करवाना चाहती थी। सरकार ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया । संसद में जो विधेयक गिरा उसमें इस विधेयक में लोकसभा परिसीमन की सीटें 850 करने का प्रस्ताव था राज्यों में 815 सीटें तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें परिसीमन विधेयक जिसमें परिसीमन के लिये 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गयी थी ।
विधेयक में पांडुचेरी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन की बात की गयी थी ताकि परिसीमन व महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जा सके ।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने कहा कि यह विधेयक इस लिए गिरा, भाजपा सरकार का परिसीमन बिल पर देश के अन्य राज्यों को आपत्ति थी, भाजपा आरक्षण सामने रखकर परिसीमन बिल पास करना चाहती है। भाजपा 2011 के जनगणना को आधार मान कर परिसीमन करना चाहती है। जब 2026 – 27 की जनगणना शुरू है तथा सरकार जाति जनगणना की भी बात कर चुकी है,तो जनगणना के बाद आये नये आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों नहीं कराया जा रहा ? महिला आरक्षण बिल को यदि तुरंत लागू करना है तो परिसीमन का इंतजार किये बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत का आरक्षण क्यों नहीं देना चाहती सरकार ? कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इसके लिए तैयार है।
जिला महिला कां. अध्यक्ष सरिता गोपाल ने कहा कि सरकार 2023 के महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी उसने ऐसा क्यों नहीं किया ? जबकि – नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है 2036 से मूर्त रूप लेगा संशोधन से तुरंत लागू हो जाता ।
भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मनमुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एक जुटता से पूरा नहीं हो चुका।
कांग्रेस महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक है। इस प्रेस वार्ता में सूर्य कुमार तिवारी, विनोद भारद्वाज, अनिका भारद्वाज, सोनी अजय बंजारे, पुरुषोत्तम साहू, राधेश्याम जायसवाल, उमेश केसरवानी, मंजू आनंद, रामनाथ सिदार, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार के साथ ही साथ अन्य कांग्रेसी नेता उपस्थि
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