नगरपालिका तिल्दा-नेवरा पर गंभीर आरोप, उजाड़ा बाजार ,बसाया भ्रष्टाचार।


तिल्दा-नेवरा नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस वक्त विवादों में घिर गई, जब नगर पालिका की टीम को व्यवसायियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। खरोरा-सिमगा मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे बने प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान आक्रोशित व्यापारियों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
व्यवसायियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने बिना पर्याप्त नोटिस दिए अचानक कार्रवाई करते हुए उनके दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। उनका कहना है कि नियमानुसार तीन दिन से लेकर एक सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन ने मनमानी करते हुए सीधे कार्रवाई की, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। व्यापारियों ने इसे “गुंडागर्दीपूर्ण रवैया” बताते हुए मुआवजे की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस नेताओं का भी समर्थन मिला। कांग्रेस पदाधिकारियों ने नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर छोटे व्यापारियों पर अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कथित रूप से मोटी रकम लेकर बड़े पैमाने पर शासकीय भूमि पर कब्जा करवाया जा रहा है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, भूतपूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मोती हिंदुजा ने भी भ्रष्टाचार के आरोपों को हवा देते हुए कहा कि हाल ही में नाली निर्माण के नाम पर लगभग 38 लाख रुपये की राशि निकाली गई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए नगर पालिका पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया।
इसके अलावा नगर पालिका अध्यक्ष के पति पर भी दबंगई और अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि एनओसी और अन्य कार्यों के नाम पर पैसे की वसूली की जा रही है और संरक्षण देकर अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
फिलहाल, पूरे मामले ने नगर की राजनीति को गरमा दिया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


