रायपुर


महिलाओं को दें दर्द-मुक्त जीवन, एंडोमेट्रियोसिस के प्रति जागरूकता जरूरी – डॉ. वेरोनिका यूएल


रायपुर।वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. वेरोनिका यूएल ने कहा कि महिलाओं को दर्द-मुक्त जीवन देना एक स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि महिलाएं किसी भी परिवार की शक्ति होती हैं और यदि वे स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित होती हैं तो पूरे परिवार पर इसका असर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि एंडोमेट्रियोसिस ऐसी बीमारी है जो महिलाओं में अत्यधिक दर्द का कारण बनती है और उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। वर्तमान समय में इसके मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। कई महिलाएं पेट में तेज दर्द की शिकायत लेकर आती हैं, जो मासिक धर्म के दौरान शुरू होकर पूरे चक्र में बना रहता है और उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों में बाधा डालता है। कई मामलों में बार-बार अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता भी पड़ती है।
डॉ. वेरोनिका ने बताया कि इस बीमारी में डिम्बग्रंथि में अलग-अलग आकार के सिस्ट, श्रोणि में चिपकाव (पेल्विक एडहेज़न) और बांझपन जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। अधिकांश मामलों में दवाओं से उपचार संभव है, लेकिन कई बार बड़े सिस्ट या गंभीर पेल्विक एडहेज़न होने पर लैप्रोस्कोपिक या रोबोटिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है, जिससे मरीज को दर्द से राहत मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का वैश्विक संदेश “सभी के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई” है, जबकि अभियान का विषय “गिव टू गेन” है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सहयोग, अवसर, ज्ञान और संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर देता है।
डॉ. वेरोनिका के अनुसार, एंडोमेट्रियोसिस से प्रभावित महिलाओं की मूक पीड़ा को खत्म करने के लिए जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। बीमारी के बारे में जानकारी देना, सहानुभूति दिखाना और उपचार के लिए सहयोग देना लाखों महिलाओं को दर्द-मुक्त जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मार्च 2026 को एंडोमेट्रियोसिस जागरूकता माह के रूप में मनाते हुए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाएं। एंडोमेट्रियोसिस जागरूकता के प्रतीक पीले रंग के कपड़े पहनकर भी संदेश दिया जा सकता है।
डॉ. वेरोनिका ने कहा कि आज आधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव उपचार उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से महिलाओं को दर्द से राहत दिलाई जा सकती है। समाज को यह समझना होगा कि महिलाओं का दर्द सामान्य नहीं है और उन्हें बेहतर इलाज का अधिकार है।
उन्होंने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर महिला को एंडोमेट्रियोसिस के दर्द से मुक्त होकर अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।

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