CHHATTISGARHINDIASARANGARH-BILAIGARH

डेढ़ लाख की पूंजी से मशरूम उत्पादन, मिथिला नायक नें गढ़ी आत्मनिर्भरता की मिसाल

📡 36garhnewsupdate.com...

✍️ स्व-सहायता समूह से मिला सहयोग, आज मशरूम उत्पादन से करीब ₹50 हजार प्रतिमाह आय…

सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़। 07 सितंबर 2026।

ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बरमकेला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामनें आई हैं, पारंपरिक कृषि से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मशरूम उत्पादन को अपनी आजीविका का साधन बनाया और सीमित पूंजी के बावजूद अपनें परिश्रम एवं लगन से इस व्यवसाय को सफल बनाया।

मिथिला नायक नें अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह से जुड़कर आय के अतिरिक्त साधन की तलाश शुरू की, इसी दौरान सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, मशरूम उत्पादन शुरू करनें के लिए उन्होंने क्लस्टर संगठन से ₹1.20 लाख का ऋण लिया, जबकि ₹30 हजार की अपनी बचत लगाई, इस प्रकार कुल ₹1.50 लाख की प्रारंभिक पूंजी से उन्होंने मशरूम उत्पादन की शुरुआत की।

✒️ मेहनत नें बदली आर्थिक तस्वीर…

शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह व्यवसाय धीरे-धीरे विस्तार लेनें लगा, उत्पादन बढ़नें के साथ स्थानीय बाजार में उनके मशरूम की मांग भी बढ़ी, परिणामस्वरूप मिथिला नायक वर्तमान में मशरूम उत्पादन के माध्यम से लगभग ₹50 हजार प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं, इस अतिरिक्त आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है और उन्हें आत्मनिर्भर बननें का अवसर मिला है।

✒️ महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा…

मिथिला नायक की सफलता यह संदेश देती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और सही मार्गदर्शन का उपयोग कर महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उपलब्ध ऋण एवं सहयोग ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक गतिविधियों से आगे बढ़कर आजीविका के नए साधन विकसित करनें में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करनें तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनानें पर विशेष जोर दिया जा रहा है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं, जिला प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग तथा मैदानी स्तर पर उपलब्ध मार्गदर्शन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

✒️ सीमित पूंजी, बड़ा सपना…

मिथिला नायक की कहानी केवल एक सफल व्यवसाय की कहानी नहीं, बल्कि मेहनत, आत्मविश्वास और अवसर के सदुपयोग की प्रेरक मिसाल है, उन्होंने साबित किया है कि सफलता के लिए बड़ी पूंजी से अधिक जरूरी है- सही अवसर, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत, डेढ़ लाख रुपये की शुरुआती पूंजी से शुरू किया गया उनका मशरूम व्यवसाय आज परिवार की आय बढ़ानें के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा है।

Sanjay Mishra

Sub editor Mo.-9981295921

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest