सीपत-कुली-खमहरिया मार्ग बना जानलेवा, धूल और जर्जर सड़क से ग्रामीणों में आक्रोश
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✍️ 15 से अधिक मौतों का दावा, युवा शक्ति संगठन व ग्रामीणों नें कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; 07 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन और पी.आई.एल. की चेतावनी…
बिलासपुर/सीपत, छत्तीसगढ़। 13 सितम्बर 2026
सीपत-कुली-खमहरिया मार्ग की जर्जर स्थिति, लगातार उड़ती धूल और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर युवा शक्ति संगठन एवं क्षेत्र के ग्रामीणों नें जिला कलेक्टर, बिलासपुर के जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर दिनभर उड़नें वाली धूल से स्कूली बच्चों, राहगीरों और आसपास रहनें वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

✍️ स्कूलों के आसपास धूल का गुबार…
ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक शाला कुली की कक्षाओं तक धूल पहुंच रही है, जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है, वहीं खमहरिया हायर सेकेंडरी स्कूल के आसपास भारी वाहनों के गुजरनें के दौरान धूल के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है, इससे विद्यार्थियों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
✍️ 15 से अधिक मौतों का दावा…
ज्ञापन में ग्रामीणों ने दावा किया है कि ग्राम कुली क्षेत्र में इस मार्ग की जर्जर स्थिति और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण बीते समय में 15 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, ग्रामीणों के मुताबिक 06 सितंबर 2026 को भी इसी मार्ग पर एक करीब 35 वर्षीय महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हुई।

✍️ ₹19.84 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद सड़क निर्माण शुरू नहीं होनें का आरोप…
ग्रामीणों नें बताया कि संबंधित PWD विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए करीब ₹19.84 करोड़ का टेंडर स्वीकृत होनें की जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होनें से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़नें का आरोप भी लगाया गया है।
✍️ ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग…
ज्ञापन में ग्रामीणों नें सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले भारी वाहनों के संचालन पर भी सवाल उठाए हैं, उनका आरोप है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से सड़क और लीलागर नदी के पुल पर दबाव बढ़ रहा है, ग्रामीणों नें परिवहन, खनिज, पुलिस एवं संबंधित विभागों से संयुक्त रूप से जांच और नियमों का उल्लंघन करनें वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।
✍️ अधिकारियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल…
ग्रामीणों नें सीपत थाना प्रभारी और क्षेत्रीय तहसीलदार द्वारा कथित रूप से पर्याप्त स्थल निरीक्षण एवं कार्रवाई नहीं किए जानें का आरोप लगाया है, ज्ञापन में संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कर दोषी पाए जानें पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

✍️ ग्रामीणों की प्रमुख मांगें…
- कुली से खमहरिया मार्ग पर तत्काल नियमित जल छिड़काव कराया जाए।
- स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ कराया जाए।
- स्कूली बच्चों के आवागमन के समय भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री व्यवस्था लागू की जाए।
- ओवरलोड एवं नियमविरुद्ध वाहनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- शराब के नशे में तथा बिना वैध लाइसेंस वाहन चलानें वालों की सघन जांच की जाए।
- PWD, RTO, खनिज विभाग, पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।
- 06 सितंबर की दुर्घटना में मृत महिला के परिजनों को उचित शासकीय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
✍️ 07 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी…
युवा शक्ति संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकर नें कहा कि क्षेत्र के लोग अब सड़क की बदहाली और धूल की समस्या को लेकर चुप नहीं बैठेंगे, उन्होंने कहा कि यदि 07 दिनों के भीतर जल छिड़काव और सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से व्यापक जन-आंदोलन करेंगे।
संगठन नें आगे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), बाल अधिकार संरक्षण आयोग तथा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में जनहित याचिका (पी.आई.एल.) दायर करनें की चेतावनी भी दी है।

✒️ ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में देरी अब केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है…।
नोट: समाचार में मौतों की संख्या, टेंडर राशि, सड़क की भार क्षमता और अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों को ज्ञापन में किए गए दावों के रूप में रखा गया है; आधिकारिक पुष्टि होनें पर इन्हें तथ्यात्मक रूप से अपडेट किया जाएगा।




