पुणे में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन की चार दिवसीय कार्यशाला, छत्तीसगढ़ के 100 शिक्षक हुए शामिल
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रायपुर, 23/08/2026
पीएमश्री योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER Pune) के इंद्राणी बालन साइंस एक्टिविटी सेंटर में चार दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 100 शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यशाला का आयोजन मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देशन तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल के मार्गदर्शन और राज्य समन्वयक पीएमश्री समग्र शिक्षा आशीष गौतम के संयोजन में किया गया।
कार्यशाला में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के चार शिक्षक भी शामिल हुए। इनमें पीएमश्री बालक विद्यालय सरिया से महेंद्र कुमार राठौर, पीएमश्री केंदवाही बार बरमकेला से किरण सिदार, पीएमश्री प्राथमिक शाला हिर्री सारंगढ़ से रोहित कुमार निराला और पीएमश्री अमोदी बिलाईगढ़ से रामप्यारा जायसवाल शामिल रहे।
कार्यशाला के दौरान पद्मश्री से सम्मानित विज्ञान शिक्षक एवं वैज्ञानिक खिलौनों के लिए प्रसिद्ध अरविंद गुप्ता ने शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की जिज्ञासा और मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए शिक्षण पद्धति विकसित करने का आह्वान किया।
अरविंद गुप्ता ने कागज, प्लास्टिक स्ट्रॉ, धागे, टेट्रापैक, डिब्बे, माचिस की तीलियों और रद्दी सामग्री जैसी सामान्य चीजों से वैज्ञानिक खिलौने बनाकर दिखाए। उन्होंने ‘कबाड़ से जुगाड़’ की अवधारणा के जरिए बच्चों में प्रयोग, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसा विद्यालय होना चाहिए, जहां बच्चे खुशी से आएं और स्कूल से वापस जाने का मन न करे। शिक्षकों को बच्चों में वैज्ञानिक सोच के साथ-साथ सवाल पूछने और स्वयं प्रयोग करने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक एवं तार्किक चिंतन, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कहानी के माध्यम से विषयों को रोचक बनाना, गतिविधियों के जरिए गणित समझाना, खिलौनों के माध्यम से विज्ञान सीखना और गतिविधि आधारित मूल्यांकन जैसी तकनीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विज्ञान केंद्र पिंपरी-चिंचवड़ और IISER पुणे द्वारा स्थापित ‘कल्पगृह’ का भ्रमण भी किया। यहां हैंड्स-ऑन गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान और गणित की अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने के साथ वैज्ञानिक भ्रांतियों को दूर करने के तरीकों की जानकारी दी गई।

शिक्षकों ने ऑटोमोबाइल उद्योग की कार्यप्रणाली, 3D फिल्म के माध्यम से पर्यावरण पर मानवीय प्रभाव, तारामंडल के जरिए ग्रह-नक्षत्र और सौरमंडल से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में IISER पुणे के डीन इंटरनेशनल रिलेशंस एवं जनसंपर्क प्रोफेसर देवप्रिया चट्टोपाध्याय और पीएमश्री समग्र शिक्षा के राज्य समन्वयक आशीष गौतम के संदेश के साथ प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। प्रशिक्षण समन्वयक अनुराग जॉन और भागवत साहू ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं अपेक्षाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में IISER पुणे के सीनियर टेक्निकल ऑफिसर अशोक रूपनर, अंकिश त्रिपुड़े एवं उनकी टीम तथा समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षण समन्वयक अनुराग जॉन और भागवत साहू का योगदान रहा।



