पंचायत एवं विकास विभाग की योजनाओं की कलेक्टर ने की गहन समीक्षा

रायपुर, 21 अगस्त 2026
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में पंचायत एवं विकास विभाग की योजनाओं और ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में वीबी-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, 15वें वित्त आयोग, समर्थ पंचायत पोर्टल, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत संचालित कार्यों की पंचायतवार जानकारी ली गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाले ग्रामीण विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कराने, प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने तथा पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।
वीबी-जी राम जी के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
वीबी-जी राम जी के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की पंचायतवार समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्वीकृत शौचालयों के कार्य प्रारंभ होने की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिन स्थानों पर कार्य अब तक शुरू नहीं हुए हैं, वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
बालिका शौचालय, सोकपिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, किचन गार्डन और किचन शेड सहित अन्य स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की गई। स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वीकृत किचन गार्डन के कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने तथा आवश्यकता के अनुसार स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों और शौचालयों को नियमानुसार डिस्मेंटल करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ने भी अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की पंचायतवार समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान स्वीकृत, प्रगतिरत, पूर्ण एवं लंबित आवासों की पंचायतवार स्थिति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने जीरो प्रगति वाले प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए उनमें शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत आवास निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होने चाहिए। जिन हितग्राहियों ने आवास निर्माण शुरू नहीं किया है अथवा निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिया है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मृत हितग्राहियों के प्रकरणों में पात्र नामिनी के नाम से आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
पूर्ण आवासों में आवश्यक पहचान संबंधी विवरण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना का लोगो स्पष्ट रूप से अंकित करने तथा वीबी-जी राम जी से संबंधित सूचना पटल निर्धारित स्वरूप में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
महिला स्व-सहायता समूहों से आजीविका को बढ़ावा
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने, नए महिला स्व-सहायता समूहों के गठन और बैंक लिंकेज की प्रगति बढ़ाने पर जोर दिया।
स्वच्छता और डिजिटल भुगतान पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, घर-घर कचरा संग्रहण, सामुदायिक शौचालय एवं स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और स्वच्छता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
समर्थ पंचायत पोर्टल की समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायतों में कर संग्रहण की स्थिति की जानकारी ली गई। क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने तथा पंचायतों के आय स्रोतों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत तालाब, चौक सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने और मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
प्रोजेक्ट अजा के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए फेसवाइज कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों में मुक्तिधाम सहित अन्य स्वीकृत कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
मैदानी स्तर पर सक्रियता के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में पूरी सक्रियता और मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होगी, उनमें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि अप्रारंभ एवं लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में जनपद पंचायतों के सीईओ, एपीओ, पीओ, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


