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जॉब कार्ड से खुला रोजगार का रास्ता, सपेरा बस्ती के 34 परिवारों को मिली नई उम्मीद

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रायपुर, 19 अगस्त 2026

तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत सिनोधा की सपेरा बस्ती में रहने वाले सँवरा जनजाति के 34 परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर खुलने लगे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर इन परिवारों का पंजीयन कर उन्हें जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। इससे परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुसार रोजगार की मांग कर सकेंगे और योजना के तहत काम प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सँवरा जनजाति के परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने सिनोधा की सपेरा बस्ती में रहने वाले 34 परिवारों का पंजीयन कर जॉब कार्ड जारी किए।

जॉब कार्ड मिलने के बाद इन परिवारों के लिए रोजगार की मांग करने की प्रक्रिया आसान होगी। मांग के आधार पर प्रत्येक परिवार को योजना के तहत 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित की गई है।

पारंपरिक आजीविका के साथ मिला रोजगार का नया विकल्प

सिनोधा की सपेरा बस्ती में रहने वाले सँवरा समुदाय के परिवार परंपरागत रूप से सांप पकड़ने और उससे जुड़े हुनर के लिए जाने जाते हैं। बदलते समय में पारंपरिक आजीविका के अवसर सीमित होने से कई परिवारों की आय अनिश्चित रही है। ऐसे में जॉब कार्ड इन परिवारों के लिए सम्मानजनक रोजगार और नियमित आय का नया विकल्प बनकर सामने आया है।

बस्ती के निवासी चरनू मरकाम ने जॉब कार्ड मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि पहले आमदनी निश्चित नहीं थी। अब जॉब कार्ड बनने से काम की मांग करने और रोजगार प्राप्त करने का रास्ता आसान होगा। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी और भविष्य को लेकर भी भरोसा बढ़ेगा।

रोजगार के साथ स्थायी आय पर भी जोर

जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन इन परिवारों को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। एपीओ रोशनी तिवारी ने बताया कि बस्ती के 12 परिवारों ने सुअर पालन के लिए सहमति दी है। स्थल निरीक्षण और उपलब्धता के आधार पर सुअर शेड स्वीकृति की प्रक्रिया की जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य परिवारों को रोजगार के साथ अतिरिक्त और स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन द्वारा पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र परिवारों तक पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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