लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे से महिलाओं को मिला रोजगार, आत्मनिर्भरता की नई राह
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रायपुर, 23 अगस्त 2026
महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे’ अब महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन रहा है। रायपुर के जी.ई. रोड स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में स्व-सहायता समूह की महिलाएं मिलेट से बने पौष्टिक व्यंजन तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रही हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल के तहत लक्ष्मी सखी स्व-सहायता समूह की संचालक लक्ष्मी यदु इस कैफे का संचालन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कैफे की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को हुई थी। वर्तमान में यहां चार महिलाएं काम कर रही हैं और समूह को प्रतिमाह करीब 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है।
कैफे में रागी चीला, डोसा, इडली, ज्वार मैगी, प्रीमिक्स पराठा, मूंग बड़ा और मिलेट कुकीज सहित कई तरह के पौष्टिक व्यंजन उपलब्ध हैं। आयुर्वेदिक कॉलेज में आने वाले छात्र-छात्राओं के साथ मरीज और उनके परिजन भी यहां से पौष्टिक भोजन लेते हैं।
लक्ष्मी यदु का कहना है कि इस पहल से महिलाओं को सिर्फ रोजगार ही नहीं मिला, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी मिला है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं अब खुद आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर रही हैं।
‘लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे’ महिला आत्मनिर्भरता के साथ-साथ मिलेट यानी श्री अन्न से बने पौष्टिक और स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देने का भी काम कर रहा है।
यह पहल बताती है कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे अपने हुनर के दम पर रोजगार, आय और सम्मान—तीनों हासिल कर सकती हैं।



