प्रसव के दौरान एक भी मातृ-शिशु मृत्यु नहीं होनी चाहिए: कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 6 अगस्त 2026
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का ब्लॉकवार एवं योजनावार मूल्यांकन किया। बैठक में डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल, ऋचा सिंह, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, डीपीएम तथा दोनों विभागों के सेक्टर सुपरवाइजर और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने अधिकारियों से संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करने की अपील करते हुए स्पष्ट कहा कि जिले में प्रसव के दौरान एक भी मातृ अथवा शिशु मृत्यु स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को प्रसव के दौरान संभावित जोखिमों, रक्त की कमी, अत्यधिक रक्तस्राव तथा सामान्य एवं ऑपरेशन से होने वाले प्रसव की जानकारी दी जाए। प्रसव पीड़ा शुरू होते ही उन्हें निकटतम शासकीय अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें एनआरसी भेजा जाए तथा वहां भर्ती बच्चों को आवश्यक दवाइयों और पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
टीबी एवं कुष्ठ रोग नियंत्रण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को नियमित दवा सेवन, मास्क के उपयोग तथा संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बीमार व्यक्तियों को बच्चों से दूर रखने के लिए परिवारों को समझाया जाए। जिले में आठ बच्चों में कुष्ठ रोग के लक्षण पाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के उन्मूलन के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से काम किया जाए।
कलेक्टर ने 15 वर्ष की बालिकाओं एवं इच्छुक महिलाओं को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक करने तथा पालकों को इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
पीएम बाल संदर्भ चिरायु योजना एवं पीएम मातृ वंदना योजना की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 1,883 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल चुका है। कलेक्टर ने शेष लंबित सत्यापन एवं स्वीकृति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों और संबंधित विभागों के बीच बच्चों की सूची साझा कर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बैठक के अंत में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को टीबी एवं कुष्ठ मुक्त बनाने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर अमल करें


