एस.ई.सी.एल. मुख्यालय में विधायक प्रेमचंद पटेल की अगुवाई में भूविस्थापितों की उच्चस्तरीय बैठक
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✍️ चार से पांच दिनों में लिखित निर्णय देनें का एस.ई.सी.एल. प्रबंधन का आश्वासन; बसाहट, मुआवजा, मकान नापी और रोजगार सहित विभिन्न मांगों पर हुई मैराथन चर्चा…
बिलासपुर/कोरबा, छत्तीसगढ़। 21 सितम्बर 2026
हरदीबाजार, रेंकी और सराईसिंगार क्षेत्र के भूविस्थापितों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सोमवार को एस.ई.सी.एल. मुख्यालय बिलासपुर स्थित सी.एम.डी. सभागार में विधायक प्रेमचंद पटेल की अगुवाई में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, बैठक में भूविस्थापितों की बसाहट, मकान नापी, सोलसियम सहित मुआवजा, रोजगार तथा लंबित अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एस.ई.सी.एल. प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में एस.ई.सी.एल. प्रबंधन नें भूविस्थापितों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करनें तथा अगले 04 से 05 दिनों के भीतर लिखित एवं आधिकारिक निर्णय उपलब्ध करानें का आश्वासन दिया।
✍️ तालाबंदी आंदोलन के बाद मुख्यालय में हुई चर्चा…
गौरतलब है कि 19 सितम्बर को भूविस्थापितों नें अपनी मांगों को लेकर दीपका महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर करीब आठ घंटे तक तालाबंदी आंदोलन किया था, तीन दौर की वार्ता के बाद एस.डी.एम. कटघोरा नितिन दुबे एवं दीपका जी.एम. की मध्यस्थता से 21 सितम्बर को एस.ई.सी.एल. मुख्यालय बिलासपुर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करनें पर सहमति बनीं थी।
सोमवार को हुई बैठक में एस.ई.सी.एल. की ओर से निदेशक (कार्मिक/डी.एच.आर.) बीरंची दास, निदेशक (तकनीकी/पी.एंड पी.) मोहपात्रा, जी.एम. (एल. एंड आर.) बिपिन कुमार लाल, दीपका जी.एम. अशोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

✍️ इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा…
01. पूर्ण विकसित बसाहट…
सुपेतपारा बाईपास के पास उतरदा की जमीन को लेकर सहमति नहीं बननें के बाद जयंती नगर को ही सर्वसुविधायुक्त रूप से विकसित कर भूविस्थापितों को बसाहट देनें के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
02. मकान नापी एवं सोलसियम सहित मुआवजा…
वर्ष 2004 से 2010 के बीच हुए अधिग्रहण के बाद खरीदी-बिक्री के माध्यम से बनें मकानों की नापी कर संबंधित मकान मालिकों को सोलसियम सहित मुआवजा देनें के विषय पर गंभीर चर्चा की गई।
03. ड्रोन सर्वे वाले मकानों का मुआवजा…
ड्रोन सर्वे के बाद बनें मकानों को नया मानकर 60 प्रतिशत कटौती किए जानें के निर्णय पर पुनर्विचार तथा 100 प्रतिशत मुआवजा और पूर्ण सोलसियम दिए जानें के मुद्दे पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
04. वर्ष 2004 की नीति के तहत रोजगार…
भूविस्थापितों नें वर्ष 2004 में लागू अधिग्रहण नीति के अनुसार प्रत्येक खाते पर रोजगार देनें की मांग रखी, इस विषय पर एस.ई.सी.एल. प्रबंधन नें मामले का परीक्षण कर सकारात्मक निर्णय लेनें का आश्वासन दिया।
05. शेष 212 एकड़ भूमि का अधिग्रहण…
शेष बची 212 एकड़ भूमि के अधिग्रहण एवं बसाहट के संबंध में भी एस.ई.सी.एल. प्रबंधन द्वारा जल्द स्थिति स्पष्ट करनें की बात कही गई।
06. अन्य गांवों के लंबित प्रकरण…
अमगांव, दर्राखांचा, जोकही, डबरी, मलगांव एवं सुवाभोड़ा के भूविस्थापितों के लंबित रोजगार, मुआवजा एवं बसाहट संबंधी मामलों के 15 दिनों के भीतर निराकरण को लेकर चर्चा हुई।
07. मुआवजा भुगतान तक मकान नहीं तोड़े जाएंगे…
हरदीबाजार में भूविस्थापितों के मकानों को लेकर यह बात रखी गई कि जब तक मुआवजे की पूरी राशि का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक मकानों को नहीं तोड़ा जाए।

✍️ चार से पांच दिनों में मिलेगा लिखित निर्णय…
बैठक के अंत में एस.ई.सी.एल. के निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों नें भूविस्थापितों द्वारा उठाए गए सभी विषयों पर आवश्यक परीक्षण एवं विचार-विमर्श के बाद चार से पांच दिनों के भीतर लिखित आधिकारिक निर्णय देनें का आश्वासन दिया, इससे लम्बे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे भूविस्थापितों में आगे की प्रक्रिया को लेकर उम्मीद जगी है।
बैठक में विधायक प्रेमचंद पटेल के साथ हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल, श्यामू जायसवाल, रघुराज सिंह उईके, नरेश टण्डन, व्यास राठौर, महेंद्र राठौर, राजेश जायसवाल, शिव यादव, फिरोज खान, जगदीश अग्रवाल, अनिल टण्डन, मन्नु राठौर, राजाराम राठौर, प्रदीप पाण्डेय, ममता ओगरे, प्रेम डिक्सेना, शशीधर सोनी, सुरेंद्र राठौर, प्रदीप राठौर, इंद्रभूषण ओढ़े, सुधीर कंवर, चंद्रिका प्रजापति, दिलीप राठौर, कमलेश राठौर, पंकज धुर्वा, रमन कुल्हाड़े, गणेश श्रीवास सहित बड़ी संख्या में भूविस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे।




