विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर-एसपी ने विश्वविद्यालयों की बैठक ली
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सुरक्षित आवास, कानून-व्यवस्था और विद्यार्थियों की जानकारी प्रशासन से साझा करने के दिए निर्देश
रायपुर, 21 सितंबर 2026
विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर कलेक्ट्रेट रायपुर में जिले के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा और संस्थानों की जिम्मेदारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में विदेशी विद्यार्थियों के सुरक्षित आवास, संस्थानों की निगरानी व्यवस्था तथा जिला प्रशासन और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि विदेशी विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने पर जोर
विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया गया कि विदेशी विद्यार्थियों के आवास और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में जो विद्यार्थी छात्रावास से बाहर निजी मकान, पीजी या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें अगले 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए या संस्थान से संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
संस्थानों को विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
शिकायतों पर निगरानी और काउंसलिंग के निर्देश
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना या कानून-विरोधी गतिविधि की स्थिति उत्पन्न होने से पहले संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन और पुलिस को विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित कुछ शिकायतें एवं सूचनाएं प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए संस्थानों को प्रभावी निगरानी, काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी के विरुद्ध केवल उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कानून का उल्लंघन होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय कानून और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी देने के निर्देश
बैठक में कहा गया कि अलग-अलग देशों से आने वाले विद्यार्थियों की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग हो सकती है। ऐसे में विश्वविद्यालयों को विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय कानून, स्थानीय सामाजिक व्यवहार, रीति-रिवाज, सार्वजनिक आचरण और स्थानीय संवेदनशीलताओं के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन देना चाहिए।
साथ ही स्थानीय नागरिकों से भी विदेशी विद्यार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखने की अपील की गई। किसी वास्तविक समस्या या कानून-विरोधी गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस या जिला प्रशासन को सूचना देने कहा गया।
विदेशी विद्यार्थियों की जानकारी अद्यतन रखने के निर्देश
सभी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों की अद्यतन एवं सत्यापित जानकारी व्यवस्थित रूप से रखने और आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए।
इसमें विद्यार्थियों की संख्या, देश, पाठ्यक्रम, प्रवेश की स्थिति, छात्रावास अथवा आवास का विवरण और आवश्यक संपर्क जानकारी सहित संबंधित अभिलेखों को अपडेट रखने पर जोर दिया गया।
ओरिएंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश
विश्वविद्यालय प्रबंधन को विदेशी विद्यार्थियों के लिए नियमित ओरिएंटेशन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इन कार्यक्रमों में आपातकालीन संपर्क नंबर, पुलिस सहायता, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा, नशीले पदार्थों से बचाव और कानून-विरोधी गतिविधियों से दूर रहने संबंधी जानकारी देने को कहा गया।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विदेशी विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से रायपुर को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित वातावरण बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय समाज के समन्वित प्रयास से ही सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
बैठक में एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एडीसीपी श्री पीताम्बर पटेल, एएसपी ग्रामीण श्री अभिषेक झा सहित संबंधित अधिकारी तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के कुलपति और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



