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पलाश के फूलों की बहार: बसंत ऋतु में प्रकृति को केसरिया बाना ओढ़ाते हैं “केवड़िया” फूल



बसंत ऋतु में पलाश के पेड़ों पर खिले टेसुओ की बहार देखने लायक होती है। इन नारंगी पुष्पों को जंगल की आग भी कहा जाता है, जो प्रकृति को केसरिया बाना ओढ़ा देते हैं। पलाश के फूल धार्मिक, सामाजिक और आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होते हैं और प्रकृति के लिए भी यह वरदान है ¹।
मालवा क्षेत्र में इन फूलों को “केवड़िया” कहा जाता है। और हमारे छत्तीसगढ़ में परसा फूल ,यह फूल पलाश के पेड़ों पर बसंत ऋतु में खिलते हैं और अपनी अनोखी खुशबू और सुंदरता से लोगों को आकर्षित करते हैं। पलाश के फूलों का महत्व न केवल धार्मिक और आयुर्वेदिक है, बल्कि यह प्रकृति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।


