BILASPURCHHATTISGARHINDIAnewsraipur

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का महत्वपूर्ण फैसला, नगर निगम रायपुर में ए.ए.ओ. पदोन्नति की वैधता पर लगी मुहर

📡 36garhnewsupdate.com...

📡 सिंगल बेंच का आदेश निरस्त, भारतेश नेताम की याचिका खारिज, अकाउंट्स ट्रेनिंग के बाद 05 वर्ष का अनुभव पदोन्नति के लिए अनिवार्य नहीं…

बिलासपुर/रायपुर, छत्तीसगढ़। 07 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं माननीय न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच नें नगर निगम रायपुर में सहायक लेखा अधिकारी (असिस्टेंट एकाउंट ऑफिसर-  ए.ए.ओ.) के पद पर हुई पदोन्नति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।

डिवीजन बेंच नें रिट अपील क्रमांक 630/2026 को स्वीकार करते हुए सिंगल बेंच द्वारा 16 अप्रैल 2026 को दिए गए पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया तथा पदोन्नति अधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया।

⚖️ फैसले के प्रमुख बिंदु…

▪️ सिंगल बेंच का आदेश निरस्त…

डिवीजन बेंच नें 16 अप्रैल 2026 के आदेश को रद्द करते हुए पूर्व पदोन्नति प्रक्रिया की पुनः समीक्षा के निर्देश को समाप्त कर दिया।

▪️ भारतेश नेताम की याचिका खारिज…

पदोन्नति को चुनौती देते हुए भारतेश नेताम द्वारा दायर WP(S) No. 954/2025 को हाईकोर्ट नें गुण-दोष के आधार पर खारिज कर दिया।

▪️ 05 वर्ष का अनुभव अनिवार्य नहीं…

न्यायालय नें स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार अकाउंट्स ट्रेनिंग उत्तीर्ण करनें के बाद 05 वर्ष का कार्य-अनुभव ए.ए.ओ. पद पर पदोन्नति के लिए अनिवार्य शर्त नहीं है।

📌 क्या था पूरा मामला…?

नगर पालिक निगम रायपुर भर्ती एवं सेवा शर्त नियम, 2018 (संशोधित 2021) के तहत विभागीय पदोन्नति समिति (डी.पी.सी.) की बैठक में पात्र अधिकारियों को सहायक लेखा अधिकारी (ए.ए.ओ.) के पद पर पदोन्नत किया गया था।

इस पदोन्नति प्रक्रिया को भारतेश नेताम नें चुनौती दी थी, सिंगल बेंच नें प्रारंभिक सुनवाई में पदोन्नति आदेश निरस्त करते हुए नई डी.पी.सी. करानें का निर्देश दिया था, इसके विरुद्ध वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्यम से रिट अपील प्रस्तुत की गई।

डिवीजन बेंच नें मामले में उपलब्ध तथ्यों और नियमों का परीक्षण करते हुए माना कि अकाउंट्स ट्रेनिंग पूर्ण करनें के बाद आवश्यक अनुभव संबंधी पात्रता को नियमों के अनुरूप समझा जाना चाहिए।

न्यायालय के अनुसार, भारतेश नेताम नें 08 सितंबर 2022 को अकाउंट्स ट्रेनिंग उत्तीर्ण की थी, जबकि डी.पी.सी. की तिथि 14 जनवरी 2025 थी, न्यायालय नें माना कि पदोन्नति के लिए आवश्यक 05 वर्ष का अनुभव उनके पास नहीं था।

अतः डिवीजन बेंच नें भारतेश नेताम की याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और 17 जनवरी 2025 को जारी पदोन्नति आदेश को पूर्णतः वैध ठहराया।

स्रोत: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर WA No. 630 of 2026, निर्णय दिनांक 31.07.2026।

Sanjay Mishra

Sub editor Mo.-9981295921

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest