रेजा मजदूर की बेटियों की पढ़ाई को मिला संबल, छात्रवृत्ति से बढ़ी भविष्य की उम्मीद
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सारंगढ़-बिलाईगढ़, 25 सितंबर 2026
आर्थिक कठिनाइयों के बीच बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना श्रमिक परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में शासन की योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता बच्चों की शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सारंगढ़ के मोची पारा निवासी लक्ष्मीनारायण के परिवार को मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से मिली सहायता इसका उदाहरण है।
रेजा मजदूर के रूप में काम कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले लक्ष्मीनारायण अपनी दोनों बेटियों की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते थे। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत उनकी दोनों बेटियों को दो-दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है। इससे परिवार को बेटियों की शिक्षा के खर्च में आर्थिक सहारा मिला है।

लक्ष्मीनारायण बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुटाना चुनौतीपूर्ण था। उनकी इच्छा थी कि बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले और वे आगे बढ़ें। छात्रवृत्ति की राशि मिलने से पढ़ाई को लेकर उनकी चिंता कम हुई है।
छात्रवृत्ति मिलने के बाद दोनों बेटियों की शिक्षा जारी रखने के लिए परिवार का आत्मविश्वास बढ़ा है। लक्ष्मीनारायण का कहना है कि यह सहायता उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बेटियों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संबल है।
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। लक्ष्मीनारायण के परिवार को मिली यह सहायता इसी उद्देश्य की दिशा में एक पहल है।
श्रमिक परिवार के लिए बेटियों की शिक्षा और उनका बेहतर भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता है। छात्रवृत्ति से मिली मदद ने इस परिवार के शिक्षा के सपने को आगे बढ़ाने में सहयोग किया है।


