अति वर्षा का कहर: वनांचल क्षेत्र में किसानों की बढ़ी चिंता, खेतों की मेड़ें टूटीं, फसलों पर संकट के बादल- युधिष्ठिर नायक
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सोनाखान/बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के अंतिम छोर पर स्थित बिलाईगढ़ विधानसभा के वनांचल क्षेत्र तथा कसडोल विकासखंड अंतर्गत सोनाखान तहसील के अनेक गांवों में लगातार हो रही अतिवृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
अचानक हुई मूसलाधार वर्षा से खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। अधिकांश खेतों की मेड़ें टूट चुकी हैं, जबकि नदी-नाले उफान पर होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। वर्तमान परिस्थितियों में खेतों की मेड़ों की मरम्मत कर पाना किसानों के लिए संभव नहीं दिख रहा है। किसानों का कहना है कि प्रत्येक खेत की मेड़ को दोबारा तैयार करने में हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
लगातार हो रही बारिश और खेतों में जलभराव के कारण खरीफ फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इससे क्षेत्र के किसानों में भविष्य को लेकर चिंता और मायूसी का माहौल है। किसानों ने प्रशासन से क्षति का सर्वेक्षण कर शीघ्र राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

अतिवृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित गांवों में देवरूम, गोलाझर, चांदन, सुखरी, छठवन, रिकोकला, देवगांव, बागमाड़ा, राजादेवरी, नगेड़ी, नगेड़ा, बानीखार, बिलारी, छाता, निठोरा, मानदीप, नगरदा, कुरमाझर, कोहा जुनवानी, कल्मीडीपा, कुशभाटा, खैरा, बरपानी, सोनपुर, कुशगढ़, थरगांव, अमरूवा, डुमरपाली, रंगोरा, बया, चेचरापाली और पकरीद सहित कई अन्य गांव शामिल हैं।
ग्रामीणों एवं किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाए तथा किसानों को शीघ्र राहत राशि और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे आगामी कृषि कार्यों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।



