दीपका रेलवे क्रॉसिंग पर ACB कंपनी के हाईवा चालक की लापरवाही, सजग नागरिक से दुर्व्यवहार; बड़ा हादसा टला
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ओवरब्रिज निर्माण के बीच प्रतिबंधित मार्ग में घुसा भारी वाहन, स्थानीय लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग…
दीपका/कोरबा, छत्तीसगढ़। 27 जून 2026
दीपका के गौरव पथ मार्ग स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, आरोप है कि ACB कंपनी से संबद्ध आईचर हाईवा (क्रमांक CG 12 BF 3647) के चालक ने निर्धारित वैकल्पिक कच्चे मार्ग का उपयोग करने के बजाय प्रतिबंधित पक्के मार्ग पर वाहन घुसा दिया, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां मौजूद एक सजग नागरिक ने चालक को नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण होने तक प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए रेलवे क्रॉसिंग के समीप कच्चे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग अनिवार्य किया है। आरोप है कि अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय चालक आक्रोशित हो गया और नागरिक के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। बाद में मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया तथा चालक को निर्धारित मार्ग से जाने की सलाह दी।

✒️ ओवरब्रिज निर्माण के चलते लागू है वैकल्पिक व्यवस्था…
गौरव पथ पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण अवधि के दौरान प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के आवागमन के लिए रेलवे क्रॉसिंग के पास कच्चे वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई चालक नियमों की अनदेखी कर मुख्य पक्के मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

✒️ पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं…
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी कई बार भारी वाहनों की टक्कर से रेलवे क्रॉसिंग के पास लगाए गए लोहे के सुरक्षा बैरियर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। क्षेत्र में भारी वाहनों की लापरवाही के कारण छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आती रही हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

✒️ कंपनियों और वाहन मालिकों से उठी जिम्मेदारी तय करने की मांग…
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने परिवहन कंपनियों एवं वाहन मालिकों से मांग की है कि वे अपने चालकों को नियमित रूप से सुरक्षित ड्राइविंग, यातायात नियमों और सार्वजनिक व्यवहार का प्रशिक्षण दें। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने और आम लोगों से दुर्व्यवहार करने वाले चालकों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि परिवहन कंपनियों और वाहन मालिकों की भी समान जिम्मेदारी है। यदि समय रहते लापरवाही पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो क्षेत्रवासियों को पुनः जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ सकता है।
(नोट: समाचार में चालक के विरुद्ध लगाए गए आरोप स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


