CHHATTISGARHKANKER

SECL गेवरा-दीपका में कोयला चोरी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी: CISF को मिला सीधे न्यायालय में अभियोजन का अधिकार

36garhnewsupdate.com

MMDR एक्ट के तहत अब त्वरित कानूनी कार्रवाई, 5 वर्ष तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान…

गेवरा/कोरबा, छत्तीसगढ़। 26 जून 2026

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा-दीपका क्षेत्र में कोयला चोरी, अवैध खनन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

नवपदस्थ CISF उप महानिरीक्षक (DIG) रघुवीर नरेन ने पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि भारत सरकार एवं कोयला मंत्रालय के निर्देशानुसार खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत CISF को अब सक्षम न्यायालय में सीधे अभियोजन वाद (Complaint) प्रस्तुत करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त हो गया है। इससे कोयला चोरी और अवैध खनन में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

✒️ MMDR एक्ट के तहत कड़े दंड का प्रावधान

DIG ने बताया कि अधिनियम की धारा-21 के अंतर्गत अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण जैसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध अधिकतम 5 वर्ष के कारावास तथा भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है। लगातार नियमों का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

साथ ही अवैध गतिविधियों में प्रयुक्त वाहनों, मशीनों एवं उपकरणों को मौके पर ही जब्त करने का अधिकार भी प्रशासन को प्राप्त है। अवैध रूप से निकाले गए खनिज के मूल्य, रॉयल्टी एवं अन्य देय राशि की वसूली भी संबंधित प्रावधानों के तहत की जाएगी।

✒️ सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक

प्रेसवार्ता में खदान क्षेत्र की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ करने की विस्तृत योजना भी साझा की गई। इसके अंतर्गत—

  • गेवरा एवं दीपका क्षेत्र में CISF की स्थायी सुरक्षा चौकियां स्थापित की जाएंगी।
  • सभी वेब्रिज (कांटा घर) को आधुनिक तकनीक से लैस कर कोयला परिवहन की निगरानी को और पारदर्शी बनाया जाएगा।
  • पूरी खदान एवं परिवहन मार्गों पर 24×7 डिजिटल CCTV निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे कोयला चोरी एवं संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

✒️ कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

DIG रघुवीर नरेन ने कहा कि इन नई व्यवस्थाओं का उद्देश्य केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि खदान क्षेत्र में सुरक्षित, अनुशासित और भयमुक्त कार्य वातावरण स्थापित करना भी है। इससे SECL के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी और वे निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था की शुरुआत देश की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शामिल SECL गेवरा-दीपका से की जा रही है, जिसे आगे अन्य खदान क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।

✒️ मीडिया से सहयोग की अपील

प्रेसवार्ता के अंत में DIG रघुवीर नरेन ने मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए औद्योगिक सुरक्षा एवं सामाजिक हितों के लिए सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और मीडिया के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र को अपराधमुक्त एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है।

✒️ प्रेसवार्ता में उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार साजी थॉमस, सुशील तिवारी, मनोज महतो, प्रमोद राठौर, ललित महिलांगे, नितेश शर्मा (गोलू), राजू लोचन तिवारी, दिव्येंदु मृधा, अमर भारद्वाज, देवेंद्र कुमार खुटे, भोला केंवट, विजय कुमार सहित CISF के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Sanjay Mishra

Sub editor Mo.-9981295921

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest