20 वर्षों बाद मिला सरस्वती शिशु मंदिर गेवरा का 2006 बैच, यादों और दोस्ती का बना ऐतिहासिक संगम
📡 36garhnewsupdate.com

⚡️ओम केवट के नेतृत्व में सफल हुआ एलुमिनाई गेट-टुगेदर, देशभर से पहुंचे पूर्व छात्र-छात्राएं…
बिलासपुर/कोरबा, छत्तीसगढ़। 24 जून 2026
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गेवरा प्रोजेक्ट के वर्ष 2006 बैच के पूर्व छात्र-छात्राओं का भव्य, गरिमामय एवं भावनात्मक एलुमिनाई गेट-टुगेदर कार्यक्रम बिलासपुर स्थित द रॉयल होटल में उत्साह और आत्मीयता के साथ संपन्न हुआ। लगभग 20 वर्षों बाद एक मंच पर एकत्रित हुए सहपाठियों ने अपने छात्र जीवन की सुनहरी यादों को ताजा किया तथा आपसी मित्रता और सहयोग के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में कार्यरत पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए। लंबे समय बाद हुए इस मिलन ने सभी के लिए यादगार और भावुक क्षणों को जन्म दिया। सहपाठियों ने विद्यालयीन जीवन की स्मृतियों, शरारतों, संघर्षों और वर्तमान उपलब्धियों को साझा करते हुए पुरानी यादों को फिर से जीवंत कर दिया।
✒️ आयोजन की सफलता में ओम केवट की रही महत्वपूर्ण भूमिका…
इस ऐतिहासिक मिलन समारोह की परिकल्पना एवं सफल क्रियान्वयन में पूर्व छात्र ओम केवट की केंद्रीय भूमिका रही। उन्होंने देश-विदेश में बसे अपने सहपाठियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें एक मंच पर लाने के लिए लगातार प्रयास किए। उनके अथक परिश्रम और समर्पण के कारण विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत साथी अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर कार्यक्रम में शामिल हुए।
उपस्थित पूर्व छात्रों ने आयोजन की सफलता का श्रेय ओम केवट के नेतृत्व, समन्वय क्षमता और मित्रों के प्रति उनके समर्पण को दिया।
✒️ विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे पूर्व छात्रों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति…
समारोह में कई प्रतिष्ठित संस्थानों एवं विभागों में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें प्रमुख रूप से पंकज राठौर (रेलवे विभाग), यतीश शर्मा (मंत्रालय, नई दिल्ली), धनेश्वर उरांव (प्रोफेसर, गर्ल्स पॉलीटेक्निक), पंकज सिंह (विद्युत विभाग, कोलकाता), मनीष सिंह राजपूत (प्राचार्य) तथा गोविंद यादव (एसईसीएल, गेवरा) शामिल रहे।
✒️ पूर्व छात्राओं की उपलब्धियों ने बढ़ाया गौरव…
कार्यक्रम में विद्यालय की पूर्व छात्राओं की भी प्रभावशाली उपस्थिति रही। उन्होंने प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, संस्कृति और खनन क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से विद्यालय का नाम रोशन किया है।
इनमें मीनाक्षी साहू (डिप्टी डायरेक्टर, खनन विभाग), स्वाति मिश्रा (राज्य सूचना आयोग), जया कुर्रे (एसोसिएट प्रोफेसर, रांची मानसिक चिकित्सालय), मयंका सिंह (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट), ममता देहारी (गायिका), उमा राठौर, प्रियंका सिंह (एसईसीएल), पदमा देवांगन एवं सुभद्रा जगत (शासकीय शिक्षिका) विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

✒️ भावुक पलों के बीच साझा हुईं जीवन की उपलब्धियां…
सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपने जीवन के अनुभव, उपलब्धियां और विद्यालयीन संस्मरण साझा किए। कई अवसरों पर पुरानी यादों को याद करते हुए माहौल भावुक हो उठा। उपस्थित साथियों ने विद्यालय से मिले संस्कारों, अनुशासन और मित्रता के मूल्यों को अपनी सफलता का आधार बताया।
✒️ समाज और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का लिया संकल्प…
आयोजन समिति के सदस्य ज्योति साहू, दीपक पाराशर, बालेन्द्र, प्रतिमा राठौर, संगीता साहू एवं राकेश साहू ने बताया कि यह केवल एक औपचारिक मिलन समारोह नहीं था, बल्कि विद्यालय से जुड़े संस्कारों, अपनत्व और विश्वास का उत्सव था।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी पूर्व छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा भविष्य में नियमित रूप से मिलते रहने, समाज कल्याण एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सामूहिक योगदान देने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल पुराने मित्रों के पुनर्मिलन का अवसर बना, बल्कि यह भी साबित कर गया कि समय और दूरी चाहे कितनी भी बढ़ जाए, सच्ची मित्रता और विद्यालय से जुड़े संस्कार कभी समाप्त नहीं होते।


