मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के मंगलसूत्रों पर विवाद, पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
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एमसीबी/मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़। 13 जून 2026
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वितरित किए गए मंगलसूत्रों की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिले के खड़गवां विकासखंड अंतर्गत चनवारीडांड में आयोजित कार्यक्रम के बाद कुछ हितग्राहियों द्वारा मंगलसूत्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने से मामला चर्चा में आ गया है। इस बीच पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
✒️ हितग्राहियों की शिकायतों के बाद बढ़ा विवाद…
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से विभिन्न उपहार एवं सामग्री वितरित की गई थी। इनमें शामिल मंगलसूत्रों की गुणवत्ता को लेकर कुछ हितग्राहियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। शिकायतों के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
✒️ पूर्व विधायक ने सरकार और विभाग पर उठाए सवाल…
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को विवाह के अवसर पर सम्मानजनक सहयोग प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है। ऐसे में यदि योजना के तहत वितरित सामग्री की गुणवत्ता पर प्रश्न उठ रहे हैं, तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामला केवल सरकारी धन के उपयोग का नहीं, बल्कि उन बेटियों के सम्मान और विश्वास से भी जुड़ा है, जिनके लिए यह योजना संचालित की जाती है। शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए।
✒️ खरीदी प्रक्रिया और गुणवत्ता परीक्षण पर सवाल…
गुलाब कमरो ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शिकायतें सही हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि सामग्री की खरीदी किस प्रक्रिया के तहत की गई, गुणवत्ता परीक्षण किस स्तर पर हुआ और वितरण से पहले सत्यापन की क्या व्यवस्था थी।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से निम्न बिंदुओं पर जवाब मांगा है—
- मंगलसूत्रों की खरीदी किस प्रक्रिया के तहत की गई?
- सामग्री की आपूर्ति करने वाली एजेंसी कौन थी?
- गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास थी?
- वितरण से पहले सामग्री का सत्यापन क्यों नहीं किया गया?
- कथित अनियमितता के लिए जिम्मेदार कौन है?
- क्या किसी स्तर पर लापरवाही अथवा वित्तीय अनियमितता हुई है?
✒️ उच्चस्तरीय जांच की मांग…
पूर्व विधायक ने पूरे मामले की न्यायिक अथवा स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पद से अलग किया जाना चाहिए ताकि जांच प्रभावित न हो।
साथ ही उन्होंने मांग की कि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रभावित नवविवाहित हितग्राहियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण मंगलसूत्र उपलब्ध कराए जाएं।
✒️✒️ “बेटियों के सम्मान से समझौता नहीं”…
गुलाब कमरो ने कहा कि बेटियों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ी योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रभावित हितग्राहियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।
✒️ प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार…
फिलहाल इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हितग्राहियों की शिकायतों और पूर्व विधायक की जांच मांग के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की संभावित कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।




