सड़क अधोसंरचना को बड़ी सौगात: मुंगेली और बिलासपुर में 87.66 करोड़ रुपए की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
36garhnewsupdate.com


21 किलोमीटर से अधिक सड़कों का होगा निर्माण, ग्रामीण संपर्क और शहरी यातायात को मिलेगी मजबूती…
बिलासपुर/मुंगेली, छत्तीसगढ़। 11 जून 2026
राज्य शासन ने सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुंगेली और बिलासपुर जिलों की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए कुल 87 करोड़ 66 लाख रुपए की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं के तहत 21 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कराने तथा गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
✒️ बिजराकांपा कला-हरनाचाका सड़क के लिए 11.93 करोड़ मंजूर…
मुंगेली जिले में बिजराकांपा कला से हरनाचाका मार्ग के निर्माण के लिए 11 करोड़ 93 लाख रुपए की निविदा को स्वीकृति दी गई है। इस राशि से 7.60 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र के ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ आवागमन को सुगम बनाएगी।
✒️ कोनी (सेंदरी)-मोपका बायपास बनेगा फोरलेन…
बिलासपुर जिले में कोनी (सेंदरी)-मोपका बायपास सड़क के निर्माण के लिए 75 करोड़ 73 लाख रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 13.40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सीमेंट कंक्रीट सड़क का निर्माण किया जाएगा। बायपास के निर्माण से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा।
✒️ गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर…
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को निर्देशित किया है कि दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य विभागीय मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों को अनुबंधित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना प्राथमिकता होगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कार्य का संपादन एवं पर्यवेक्षण विभागीय नियमों के तहत किया जाएगा। किसी भी परियोजना को अन्य एजेंसी को सब-लेट करने की अनुमति नहीं होगी तथा कार्य निष्पादन के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी भी मान्य नहीं होगी। साथ ही अनुबंध से पूर्व ठेकेदार से अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी (APS) के रूप में एफडीआर (Fixed Deposit Receipt) जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से मुंगेली और बिलासपुर क्षेत्र में सड़क संपर्क, यातायात सुविधा तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।



