सुशासन तिहार के अंतिम दिवस भण्डारपुरी धाम में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित
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भण्डारपुरी/बलौदाबाजार-भाटापारा/आरंग/
रायपुर, 10 जून 2026।
प्रदेश सरकार द्वारा 01 मई से 10 जून तक आयोजित “सुशासन तिहार” के अंतिम दिवस भण्डारपुरी धाम स्थित शासकीय विद्यालय परिसर में विशाल जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों एवं आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी समस्याएं, मांगें एवं आवेदन प्रस्तुत किए। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सामग्री, प्रमाण-पत्र, कृषि उपकरण, किट एवं अन्य लाभों का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा, सुशासन एवं विकास के 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को सहभागी बनना होगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सभापति गुरु सौरभ साहेब सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि भण्डारपुरी धाम सतनामी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा यह परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की पावन कर्मस्थली के रूप में देशभर में विख्यात है। ऐसे पवित्र स्थल पर सुशासन तिहार के अंतिम दिवस आयोजित यह शिविर जनसेवा एवं जनकल्याण की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला साबित हुआ।


