

शासकीय योजनाओं और मेहनत के बल पर लिखी सफलता की नई कहानी…
रायपुर, छत्तीसगढ़। 10 जून 2026
दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और शासकीय योजनाओं के प्रभावी उपयोग से दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तुड़पारास की प्रगतिशील महिला किसान मनीषा नागेश ने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल कायम की है। सब्जी उत्पादन को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाकर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं और किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
✒️ परिवार की पहल को दिया नया विस्तार…
करीब दो वर्ष पूर्व मनीषा के परिवार ने एक हेक्टेयर भूमि में सब्जी उत्पादन की शुरुआत की थी। प्रारंभिक दौर में खेती की जिम्मेदारी उनकी सास संभालती थीं, लेकिन समय के साथ मनीषा ने स्वयं इस कार्य की कमान संभाली। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने खेती को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और इसे आय का स्थायी साधन बना लिया।
✒️ विविध फसलों से बढ़ी आमदनी…
मनीषा अपने खेत में टमाटर, बैंगन, बरबटी, तोरई, करेला, केला सहित विभिन्न प्रकार की सब्जियों और फसलों का उत्पादन कर रही हैं। इन उत्पादों की नियमित बिक्री से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। वह बताती हैं कि खेती से होने वाली कमाई बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं और परिवार की आर्थिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
✒️ सोलर सिंचाई और प्राकृतिक खेती को अपनाया…
खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए मनीषा ने शासकीय सहायता से सोलर आधारित बोरवेल की सुविधा प्राप्त की है। इसके माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था सुगम हुई है। साथ ही उन्होंने लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पॉलीथिन मल्चिंग के स्थान पर प्राकृतिक मल्चिंग को अपनाया है। खेतों में पैरावट बिछाने से मिट्टी में नमी बनी रहती है, खरपतवार कम उगते हैं और श्रम लागत में भी कमी आती है।
✒️ शासकीय योजनाओं से मिली नई दिशा…
मनीषा का कहना है कि कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाएं किसानों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन के पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, जबकि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से केला, पपीता और अन्य फलदार पौधों की खेती को प्रोत्साहन मिलता है। इसके अलावा राज्य पोषित विकास योजना और ऑयल पाम मिशन जैसी योजनाएं भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
✒️ गृहस्थी और खेती में सफल संतुलन…
गृहस्थी की जिम्मेदारियों के साथ मनीषा प्रतिदिन सुबह और शाम खेत में समय देकर फसलों की देखभाल करती हैं। उनका मानना है कि खेती में सफलता का मूल मंत्र नियमित निगरानी, मेहनत और सही तकनीक का उपयोग है। इसी समर्पण का परिणाम है कि आज उन्हें खेती से बेहतर आय प्राप्त हो रही है और उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है।
✒️ महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणास्रोत…
आज मनीषा नागेश अपने क्षेत्र में एक सफल सब्जी उत्पादक किसान के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनका मानना है कि यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं और शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं, तो सीमित भूमि में भी बेहतर उत्पादन और अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। उनकी सफलता ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण है।
✒️ आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का उदाहरण…
मनीषा नागेश की उपलब्धि यह साबित करती है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। उनकी सफलता महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक खेती और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।



