रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान समारोह 11 जून को, माधुरी कैवर्त होंगी सम्मानित
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भिलाईनगर, छत्तीसगढ़। 09 जून 2026
लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन द्वारा आयोजित ‘सुरता पारकर 2026’ के अंतर्गत रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन 11 जून (गुरुवार) को किया जाएगा। यह कार्यक्रम नेहरू नगर, भिलाई स्थित निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम में पूर्वाह्न 11:30 बजे से आयोजित होगा।
संस्था की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान से माधुरी कैवर्त को सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में वे जगदलपुर में जिला अपराध एवं अनुसंधान शाखा में निरीक्षक एवं जिला प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं। समाज एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं भाजपा प्रदेश संयोजक (मछुआरा प्रकोष्ठ) प्रदीप कुमार कैवर्त, स्मृति गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित स्मृति नगर भिलाई के अध्यक्ष राजीव चौबे, निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम के ट्रस्टी अध्यक्ष आत्माराम साहू, लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीनदयाल साहू, दुर्ग जिला इकाई के अध्यक्ष लालजी साहू, साहित्यकार बद्री प्रसाद पारकर तथा प्रदीप कुमार पारकर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का संचालन जागृति सार्वा करेंगी।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि अंचल के प्रख्यात साहित्यकार एवं समाजसेवी स्वर्गीय रामप्यारा पारकर की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष ‘सुरता पारकर’ का आयोजन किया जाता है। स्व. पारकर ने महिला जागरण, साहित्य और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए थे। उनकी स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा समाज, साहित्य और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह सम्मान प्रदान किया जाता है।
वर्ष 2026 में आयोजित यह समारोह अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य साहित्य, कला एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर समाज के समक्ष प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करना है।
समारोह में निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम के पदाधिकारी एवं सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा पारकर परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।



