सेवानिवृत्त कलेक्टर आर.पी.एस. त्यागी का नागरिक अभिनंदन, ‘जिला कोरबा रत्न’ सम्मान से सम्मानित
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रायपुर, छत्तीसगढ़। 03 जून 2026
रायपुर स्थित सर्किट हाउस में सर्वसमाज एवं राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के तत्वावधान में आयोजित एक गरिमामय समारोह में कोरबा जिले के पूर्व कलेक्टर एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आर.पी.एस. त्यागी का नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा जिले में उनके उल्लेखनीय प्रशासनिक योगदान, जनहितकारी कार्यों तथा सुशासन को बढ़ावा देने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें ‘जिला कोरबा रत्न’ प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह का मुख्य विषय “संवैधानिक मूल्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ को भारत का आदर्श राज्य कैसे बनाया जाए” रहा। इस विषय पर आयोजित संगोष्ठी में प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों ने अपने विचार, सुझाव एवं कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए व्यापक विचार-मंथन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने श्री त्यागी के प्रशासनिक कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कोरबा जिले में विकास, जनकल्याण, पारदर्शिता और सुशासन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य संपादित हुए, जिनका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचा। उनके कार्यों को जनसेवा और प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।
इस अवसर पर राज्य शासन के विभागीय जांच आयोग के आयुक्त दिलीप वासनीकर, रायपुर संभाग के पूर्व कमिश्नर महादेव कावरे तथा राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत एवं मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती सहित विभिन्न सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने श्री त्यागी को सम्मानित किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आर.पी.एस. त्यागी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को एक आदर्श एवं विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय जैसी मूलभूत सुविधाओं की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जातिभेद, छुआछूत और लिंगभेद जैसी सामाजिक कुरीतियों से ऊपर उठकर “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को व्यवहार में उतारना होगा। उन्होंने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक समर्पित कोर ग्रुप के गठन का सुझाव भी दिया, जिसे उपस्थित जनों का व्यापक समर्थन मिला।
मुख्य अतिथि महादेव कावरे ने छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य के समग्र विकास में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए विशेष रूप से कोरवा, बिरहोर और बैगा समुदायों के उत्थान तथा रायपुर शहर के विकास से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया।
दिलीप वासनीकर ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक जीवन में समाज सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने तथागत बुद्ध, गुरु घासीदास, शहीद वीर नारायण सिंह और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों से प्रेरित होकर समाज और राष्ट्र के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि जाति, धर्म, क्षेत्र और लिंग आधारित भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को आदर्श राज्य बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस सर्वसमाज संगोष्ठी में प्राप्त सुझावों को कार्यरूप देने के लिए शीघ्र ही ठोस पहल की जाएगी।
कार्यक्रम में डॉ. उमेश मानिकपुरी, रघुनंदन साहू, शैलेन्द्र सिंह, सुशील निर्मलकर, डॉ. छगनलाल सोनवानी, रमेश ठाकुर, उदयभान सिंह चौहान, आर.एस. साहू, श्रीमती पद्मिनी श्रीवास, संजय मिश्रा, संतोष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों, जनसेवा और उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को एक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में सामूहिक चिंतन का प्रेरणादायी मंच साबित हुआ।




