
सारंगढ़ । सारंगढ़ जिले के सरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जटियापाली निवासी आरोपी राहुल साहू पिता वेणुधर साहू के द्वारा एक नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर कर भगा ले गया था, जिसमें पीड़ित लड़की के परिजनों के द्वारा सरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।जिसमें तात्कालीन थानेदार सरिया प्रमोद यादव के द्वारा मामला दर्ज कर विवेचना की थी जिसमें पता साजी करते हुए पाया गया कि – सरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जटिया पाली निवासी आरोपी राहुल साहू पिता वेणुधर साहू के द्वारा नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले गया था जिसमें जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सरिया प्रमोद यादव द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर मा. न्यायालय में पेश किया गया जिसमें मा.न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा मामले का त्वरित विचारण करते हुए सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के द्वारा दिए गए बयान लिए गए व मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी राहुल साहू को भा. न्याय संहिता की धारा 137/2/ के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माना से दंडित करने के साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया गया व लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4/1/ में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया गया।
उल्लेखनीय है कि – एक बार फिर वर्तमान में सारंगढ़ जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद यादव के द्वारा सरिया थाना में बतौर थाना प्रभारी रहते हुए किए गए पास्को एक्ट के मामले में जहां माननीय न्यायालय के द्वारा 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा के साथ ही जुर्माने की सजा से यह तो तय है कि – अपराध व अपराधियों पर कार्यवाही तो होती ही है लेकिन अगर खासकर नाबालिग लड़की व पास्को एक्ट में विवेचना अधिकारी द्वारा किए गए विवेचना से ही आरोपी को सजा सुनाई जा सकती है बहरहाल यह फैसला एक ही नहीं बल्कि बाल सुरक्षा एवं यौन अपराध के खिलाफ एवं न्याय पालिका की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है व साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के प्रभावित करता है जिसमें विवेचना व विवेचक की मुख्य भूमिका रहती है।जिसमें अपराधी को उसके द्वारा किए गए अपराध की सजा दी जाती है। इस मामले में भी सरिया थाना प्रभारी रहते हुए प्रमोद यादव के द्वारा किए गए विवेचना का ही परिणाम है कि – आरोपी राहुल साहू को माननीय न्यायालय द्वारा दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। जिसके लिए वर्तमान में सारंगढ़ जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद यादव व तात्कालीन थाना प्रभारी सरिया को बधाई ।


