विधानसभा में TET पर सरकार का स्पष्ट रुख, शिक्षकों को राहत देने से किया इनकार
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रायपुर 14/07/2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार ने अपना स्पष्ट रुख सामने रखा। सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि TET से संबंधित वर्तमान व्यवस्था में किसी प्रकार का परिवर्तन प्रस्तावित नहीं है।
विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने सरकार से पूछा था कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय होने के कारण क्या राज्य सरकार अपनी नीति बनाकर शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत दे सकती है। इसके अलावा उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर करने, वर्ष में दो बार TET परीक्षा आयोजित करने तथा उत्तीर्णांक में छूट देने जैसे विषयों पर भी सरकार का पक्ष जानना चाहा।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने सदन में दिए लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा अलग से TET परीक्षा आयोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की जाएगी। राज्य में TET वर्ष में दो बार आयोजित करने तथा उत्तीर्णांक में छूट देने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप TET की अनिवार्यता पूर्ववत लागू रहेगी।
सरकार के इस जवाब से स्पष्ट है कि फिलहाल TET से संबंधित नियमों में किसी प्रकार के संशोधन या शिक्षकों को राहत देने की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है।
विधानसभा में यह मुद्दा उठाकर विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने शिक्षक अभ्यर्थियों एवं कार्यरत शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को सदन के समक्ष रखा। वहीं सरकार के जवाब के बाद TET को लेकर प्रदेश में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह विषय शिक्षक संगठनों और प्रदेश की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन सकता है।


