एमएसके फाउंडेशन ने की लगातार तीसरे वर्ष नेक पहल, समाज के जरुरतमंद लोगों को दिया रोजगार

00 महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए एक युवती को भी दिया ई रिक्शा
00 ज़कात की रकम से समाज के बेरोजगार युवक और युवती को दिया गया ई-रिक्शा
00 लगातार तीसरे वर्ष ई-रिक्शा देकर एमएसके फाउंडेशन ने मिशाल कायम की
00 समाज के जरूरतमंद लोगों की हर साल मदद कर रही फाउंडेशन
खैरागढ़. मुस्लिम समाज खैरागढ़ (एमएसके) फाउंडेशन ने बहुत ही खूबसूरत नेक पहल करते हुए समाज के 2 बेरोजगार युवक युवती को रोजगार प्रदान करते हुये उन्हें गुरुवार 27 मार्च को मुस्लिम रिवायत अनुसार शबे कद्र की मुबारक रात में ई-रिक्शा दिया. जानकारी अनुसार एमएसके फाउंडेशन समाज के जरूरतमंद लोगों की बीते 3 वर्ष से मदद कर रही है और इस फाउंडेशन का एकमात्र उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और पिछड़े हुए बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार प्रदान करना है ताकि वो युवक और युवती भी समाज की मुख्यधारा में आकर सभी लोगों के समान अपना जीवन भी बिना किसी तकलीफ के जीये और अपने परिवार का सही पालन पोषण भी कर सकें. गौरतलब है कि एमएसके फाउंडेशन खैरागढ़ की स्थापना सन 2023 में समाज के सेवानिर्वित बैंक अधिकारी एवं वर्तमान में जामा मस्जिद खैरागढ़ के नायब सदर जफर हुसैन खान की अगुवाई में जामा मस्जिद के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सैय्यद अल्ताफ अली, समाजसेवी सलीम सोलंकी, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि एवं समाजसेवी अयूब सोलंकी व समाजसेवी मोहम्मद कलीम अशरफी ने मिलकर की थी. इस फाउंडेशन की स्थापना पवित्र महीना रमजान में मिलने वाली जकात की रकम से खैरागढ़ के बेरोजगारों को रोजगार देने की नेक सोच के साथ हुई थी जिसमें इन्हें पहली कामयाबी मिली 2023 में जब फाउंडेशन को मिली जकात की रकम से एक ई रिक्शा लेकर एक मुस्लिम बेरोजगार युवक को दिया गया था और जिसका अच्छा सुखद परिणाम आया और जिसे ई रिक्शा दिया गया वो युवक अभी वर्तमान में हंसी खुशी अपना जीवन बीता रहा है और अब इस वर्ष एमएसके फाउंडेशन ने जकात की कुल रकम से दो मुस्लिम जरूरतमंद युवक युवती को रोजगार देने का फैसला लिया और उनकी मदद की. खास बात ये है कि इस नेक काम में खैरागढ़ मुस्लिम समाज का भी अच्छा सहयोग मिला इसलिए इस वर्ष समाज के नेक दिल लोगों के सहयोग से फिर से दो ई रिक्शा देने का फैसला फाउंडेशन ने किया और इस नेक कार्य में सफल भी हुये वही इस बार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए समाज की एक बेटी को भी ई रिक्शा प्रदान किया गया है ताकि वो भी आत्मनिर्भर बन सकें.
फाउंडेशन के फाउंडर मेंबर जफर हुसैन खान, सैय्यद अल्ताफ अली और अय्यूब सोलंकी ने बताया कि आगे भविष्य में भी एमएसके फाउंडेशन खैरागढ़ समाज के जरूरतमंद युवक और युवती को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ ही समाज के हित में अन्य जरूरी सामाजिक गतिविधियों पर भी ध्यान देने का निर्णय लिया है और समाज के लोगों के सहयोग से एमएसके फाउंडेशन ने भविष्य में और बेहतर नेक काम करने की बात कही है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने एक युवती को दिया ई रिक्शा
खास बात ये है कि एमएसके फाउंडेशन ने बहुत नेक और खूबसूरत पहल करते हुए इस बार समाज की एक युवती के नाम भी ई रिक्शा दिया है ताकि वो आर्थिक रूप से मज़बूत हो सकें. एमएसके फाउंडेशन ने समाज की बेटी साबरीन खान के नाम से उनके वालिद मतीन खान को सवारी ई रिक्शा और ईमरान खान उर्फ रिंकू को माल वाहक ई रिक्शा प्रदान किया है ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सकें.
इस नेक काम के दौरान ये रहें मौजूद
समाज के जरुरतमंद युवक और युवती को ई रिक्शा देने के दौरान मुस्लिम समाज जामा मस्जिद के सदर अरशद हुसैन डब्बू, नायब सदर जफर हुसैन खान, कदीर कुरैशी, सलीम सोलंकी, सुलेमान खान, हाजी रिज़वान मेमन, साबिर सरधारिया, हाजी ईमरान मेमन, रियाज़ अशरफी, इरफ़ान मेमन, उबैद खान, शारिक खान, जाफर झाड़ूदिया, इमरानुद्दीन कादरी व सादिक मोतीवाला सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के सदस्य उपस्थित थे.



