राज्योत्सव में विभागीय स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, बिहान समूहों के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध
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सारंगढ़–बिलाईगढ़, 2 नवंबर 2026
सारंगढ़ के खेलभाठा मैदान में आयोजित एकदिवसीय जिला स्तरीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल नागरिकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विभागीय सेवाओं और उनके लाभ लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल पर बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

राज्योत्सव स्थल पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, रेशम, आदिवासी विकास, शिक्षा, वन, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं आयुष, खाद्य तथा मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी नागरिकों को योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध सेवाओं और उनसे जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विभागीय प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने और उनका लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल पर बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूहों के उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। इससे स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके आजीविका प्रयासों को प्रोत्साहन देने का अवसर मिल रहा है। राज्योत्सव में विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।

राज्योत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया करेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री टंकराम वर्मा एवं ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय तथा नगर पालिका सारंगढ़ की अध्यक्ष सोनी अजय बंजारे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है
शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला एवं लोकपरंपराओं को प्रदर्शित करते हुए सुवा, पंथी, राउत नाचा और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके साथ ही कथक, ओडिशी और भरतनाट्यम जैसे शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां भी सांस्कृतिक संध्या का हिस्सा रहेंगी।
जिला स्तरीय राज्योत्सव के माध्यम से नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिलने के साथ स्थानीय स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को प्रोत्साहन तथा छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोकपरंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।




