राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नुआखाई महोत्सव में महिलाओं के रक्तदान को सराहा, युवाओं से ईमानदारी और सेवाभाव अपनाने का किया आह्वान
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रायपुर, 22 अक्टूबर 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज रायपुर में नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के रक्तदान की सराहना करते हुए इसे दूसरे राज्यों की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। साथ ही युवाओं से ईमानदारी, निष्ठा, विनम्रता और समाज के प्रति सेवाभाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ी में करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के दाई, बहिनी, भाई अउ मयारू लईका मन ला जोहार, छत्तीसगढ़ महतारी की जय।” उन्होंने कहा कि नुआखाई महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व कृषि परंपराओं, अन्नदाता किसानों के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
1100 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की सराहना
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में 1100 से अधिक महिलाओं द्वारा रक्तदान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने महिलाओं को शक्ति स्वरूपा बताते हुए कहा कि वे अब रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में भी आगे बढ़कर अपनी भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने बेटियों को ‘आई कैन डू इट’ यानी ‘मैं यह कर सकती हूं’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष, दोनों की समाज और परिवार के निर्माण में समान भूमिका है। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह व्यवहार और दैनिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी है। उन्होंने पुरुषों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण दें, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा में कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की क्षमता होनी चाहिए। युवाओं को अपने व्यक्तिगत प्रयासों को समाज और राष्ट्र के लक्ष्यों से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवाभाव को भी अपनाना चाहिए।
नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से राज्य के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस बदलाव से युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ-साथ राज्य और देश के विकास को भी गति मिल रही है।
उन्होंने ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की भावना को मजबूत करते हुए विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में अधिक से अधिक योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से प्रत्येक कार्य को निष्ठा और ईमानदारी के साथ करने की अपील की।
नुआखाई पर्व सामाजिक समरसता का प्रतीक
कार्यक्रम के संयोजक एवं उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने नुआखाई पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल कृषि पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, किसानों के सम्मान, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यह पर्व लोगों को अपनी मिट्टी, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायकगण, संभाग आयुक्त श्याम धावड़े, पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



