रायपुर रेंज पुलिस की साइबर अपराधों पर बड़ी कार्रवाई, दो अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार
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रायपुर, 19 अक्टूबर 2026
रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर अपराधों में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई थी, जबकि दूसरे पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से जुड़े बैंक खाते में देश के विभिन्न 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
आईएएस अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी फेसबुक आईडी
पहले मामले में प्रार्थी सुशांत पनका ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने की शिकायत की थी। इस मामले में थाना राखी में अपराध क्रमांक 153/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी अर्जुन कुमार जाटव की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और धोखाधड़ी की गतिविधियों में संलिप्त था। आरोपी के मोबाइल की जांच में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने से संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस ने इस संबंध में आगे वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है।
शेयर ट्रेडिंग में 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी
दूसरे मामले में प्रार्थी रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी होने की शिकायत रेंज साइबर थाना रायपुर में दर्ज कराई थी। इस मामले में अपराध क्रमांक 14/24 के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी।
जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सऐप से प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण कर मुख्य आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस के अनुसार, कानपुर निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित अपने अन्य साथी के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ नाम से फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाते खुलवाता था और धोखाधड़ी की रकम इन खातों में प्राप्त करता था।
पूछताछ के दौरान आरोपी से अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न 11 थानों और साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज है।
दोनों आरोपियों को भेजा जा रहा न्यायिक अभिरक्षा में
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी
1. अर्जुन कुमार जाटव (23 वर्ष), पिता मुन्नू कुमार, निवासी ग्राम पारा, तहसील मौदहा, जिला हमीरपुर, उत्तर प्रदेश।
2. प्रवीण कुमार दीक्षित (46 वर्ष), पिता विद्याभूषण दीक्षित, निवासी पांडु नगर, हंसनगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश।



