पशु क्रूरता रोकने और निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाएं: कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू
📡36garhnewsupdate.com


सारंगढ़-बिलाईगढ़, 16 अक्टूबर 2026
जिले में पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम, निराश्रित मवेशियों के बेहतर प्रबंधन और पशु कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति (SPCA) की बैठक में पशु संरक्षण, घायल एवं बीमार पशुओं के उपचार, पशु परिवहन और सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि पशुओं के प्रति क्रूरता, मारपीट और अमानवीय व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए तथा संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर विचरण करने वाले निराश्रित मवेशियों के कारण यातायात में होने वाली परेशानी और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्थानीय निकायों तथा पशुधन विकास विभाग को आवश्यक प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ पशुओं का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है।

घायल और बीमार पशुओं के उपचार पर जोर
कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले तथा बीमार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा विभाग को आवश्यक व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस, वन विभाग और स्थानीय निकायों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि प्रभावित पशुओं को समय पर उपचार मिल सके।
पशु परिवहन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पशु कल्याण से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
वन्यजीव संरक्षण और विभागीय समन्वय पर विशेष ध्यान
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने वन्यजीवों के संरक्षण और उपचार से संबंधित मामलों में वन विभाग तथा पशु चिकित्सा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और यातायात सुरक्षा को लेकर नगर निकायों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं का समय पर निराकरण करने और आवश्यकता के अनुसार संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पशु संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश
बैठक में पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विद्यालयों तथा आम नागरिकों के बीच पशु संरक्षण, देखभाल और पशु क्रूरता की रोकथाम के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पशु कल्याण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए पुलिस, वन विभाग, नगरीय निकायों, शिक्षा विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर कार्य करना होगा। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही पशुओं की सुरक्षा, बेहतर उपचार और निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन में प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, पुलिस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष सहित पशुधन विकास विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ न्यूज़ अपडेट | सत्य की आवाज आपके साथ


