

कोरबा, 8 अक्टूबर 2026
टीबी-मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा जिले में टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘जोश’ टीम का शुभारंभ किया गया। टीम के सदस्य युवाओं और समुदाय की भागीदारी से टीबी के लक्षण, जांच और उपचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे तथा संभावित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करेंगे।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिक निगम की महापौर संजूदेवी राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी जरूरी है। जनप्रतिनिधि जोश टीम के साथ लोगों तक टीबी से बचाव, जांच और उपचार का संदेश पहुंचाएंगे।
कार्यक्रम में निर्धारित अवधि तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सम्मानित किया गया। एक वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर, दो वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को ब्रॉन्ज और तीन वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को गोल्ड मोमेंटो एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। रोटरी क्लब, एनटीपीसी, बालको और खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक राज को निक्षय मित्र का प्रमाणपत्र दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने बताया कि टीबी की समय पर पहचान और उपचार के लिए जिले में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। नॉट टेस्ट, एक्स-रे और पोर्टेबल एक्स-रे जैसी सुविधाओं से मरीजों की समय पर जांच कर उपचार शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. बी.आर. रात्रे ने टीबी के लक्षण, उपचार, निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र पहल की जानकारी दी। उन्होंने लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने और उपचार के दौरान दवाएं नियमित रूप से लेने की अपील की।
कार्यक्रम में नगर निगम के जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच, एनसीसी कैडेट्स, माई भारत के सदस्य, रोटरी क्लब, बालको तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता और भेदभाव-मुक्त व्यवहार का संकल्प भी लिया गया।


