देवभोग दुग्ध संयंत्र की स्थापना की तैयारी, जिले में बढ़ेंगे डेयरी और रोजगार के अवसर
📡36garhnewsupdate.com


कलेक्टर ने कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश, पशुधन योजनाओं की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 अक्टूबर 2026
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दुग्ध उत्पादन और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देवभोग दुग्ध संयंत्र की स्थापना की दिशा में पहल की जाएगी। इसके लिए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। संयंत्र की स्थापना से जिले में दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा मिलने के साथ पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा। वहीं युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
कलेक्टर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशुधन विकास विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में विभाग स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने और डेयरी आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करे।

प्रत्येक विकासखंड में खुलेगा देवभोग विक्रय केंद्र
देवभोग दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री बढ़ाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में विक्रय केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिले के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक विक्रय केंद्र शुरू करने को कहा गया है। आगामी राज्योत्सव में भी देवभोग उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि स्थानीय स्तर पर उत्पादों का प्रचार-प्रसार और विपणन बढ़ सके।
पशुधन योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज
समीक्षा बैठक में पशुधन विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैदानी स्तर पर लापरवाही और योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चार माह में गौवंशीय तस्करी के नौ मामलों में अपराध दर्ज
गौवंशीय तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक महेंद्र पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले चार माह में नौ लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस पर कलेक्टर ने विभागीय अमले को सूचनातंत्र मजबूत करने तथा अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन को सूचित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
टीकाकरण और पशु चिकित्सा सेवाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के प्रसव, पीपीआर और सीएसएफ टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने भारत पशुधन पोर्टल पर विभागीय गतिविधियों की जानकारी समय पर और पूरी तरह दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण तथा अन्य योजनाओं का लाभ पात्र पशुपालकों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

निराश्रित गौवंश के संरक्षण के संबंध में कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में उनके लिए चारे और संरक्षण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं पशु चिकित्सा सेवाओं में रिक्त पदों के कारण मैदानी स्तर पर आ रही कठिनाइयों की जानकारी मिलने पर उन्होंने रिक्त पदों का विवरण प्रस्तुत करने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में पशुधन विकास विभाग के अधिकारी, मोबाइल वेटरनरी यूनिट के पशु चिकित्सक, देवभोग दुग्ध संघ के अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के प्रभारी उपस्थित रहे।


