जंगलबेड़ा सोलर प्लांट जमीन आबंटन पर घमासान, विधायक चातुरी नंद ने उठाए गंभीर सवाल

📍 सरायपाली/महासमुंद:
विधानसभा के बजट सत्र में सरायपाली क्षेत्र के ग्राम जंगलबेड़ा में स्थापित सोलर प्लांट को लेकर लगातार दूसरे दिन भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। विधायक चातुरी नंद ने जमीन आबंटन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन को सदन में घेर लिया।
विधायक ने आरोप लगाया कि जंगलबेड़ा में निजी कंपनी गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड को नियमों के विरुद्ध जमीन लीज पर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह भूमि मूल रूप से “नए औद्योगिक क्षेत्र” के लिए हस्तांतरित की गई थी, लेकिन नियमों को दरकिनार कर सीधे निजी कंपनी को दे दी गई, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
उद्योग मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि राज्य की सौर ऊर्जा नीति 2017-30 और औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत सोलर संयंत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी के अंतर्गत 102.93 हेक्टेयर शासकीय भूमि 99 वर्षों की लीज पर आवंटित की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है।
हालांकि, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक चातुरी नंद ने कलेक्टर के आदेश की शर्तों का हवाला देते हुए कहा कि यदि भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य से हटकर किया जाता है, तो आबंटन स्वतः निरस्त हो जाना चाहिए। इसके बावजूद जमीन का लीज पर दिया जाना गंभीर अनियमितता है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सोलर प्लांट निर्माण के दौरान नाले को पाट दिया गया, सार्वजनिक रास्ता बंद कर दिया गया और पेड़ों की अवैध कटाई की गई, जिससे पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हुआ है और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
मामले को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। विधायक चातुरी नंद ने विधानसभा समिति से जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
