सारंगढ़–बिलाईगढ़ में कब्ज़ों का खेल! तालाब पाटे, सड़क घिरी, ‘स्टे-बहाली’ की माया—हादसों पर कौन जिम्मेदार

सारंगढ़–बिलाईगढ़। जिला मुख्यालय में सार्वजनिक जमीन और सड़कों पर बढ़ते कथित कब्ज़ों को लेकर शहर में आक्रोश है। बिलासपुर रोड स्थित गौरव पथ से सटकर दो मंजिला कॉम्पलेक्स खड़ा हो चुका है। सवाल उठ रहे हैं कि जहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं, वहां व्यावसायिक निर्माण की अनुमति कैसे मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले स्टे की चर्चा रही, फिर बहाली—आखिर यह किस नियम के तहत हुआ, इसकी पारदर्शी जानकारी सामने आनी चाहिए। कॉम्पलेक्स में व्यापार शुरू हुआ तो वाहन सड़क पर ही खड़े होंगे , जिससे ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा और दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है। राहगीरों और स्कूली बच्चों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है। गंभीर चर्चा यह भी है कि कुछ स्थानों पर तालाबों को पाटकर पार्किंग बनाई गई। जो पर्यावरणीय नियमों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़ कर रहा। शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न दिखने से लोगों में असंतोष है। बस स्टैंड के मुख्य द्वार पर बिना वैध टैक्सी परमिट वाले वाहनों को जगह दिए जाने की भी बातें सामने आ रही हैं। इससे यातायात अव्यवस्था और संभावित राजस्व हानि की आशंका जताई जा रही है। शहर पूछ रहा है—क्या नियम सब पर समान रूप से लागू होंगे। अब जरूरत है निष्पक्ष जांच, स्पष्ट जवाब और समयबद्ध कार्रवाई की, ताकि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।


