कौशल विकास केंद्रों की कमी पर विधायक कविता प्राण लहरे का तीखा सवाल, सरकार घिरी

बिलाईगढ़। बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कौशल विकास केंद्रों के अभाव का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विधानसभा में उनके सवालों से यह खुलासा हुआ कि क्षेत्र में वर्तमान में एक भी सरकारी या निजी कौशल विकास केंद्र संचालित नहीं है।
विधायक लहरे ने न केवल केंद्रों की संख्या पूछी, बल्कि पिछले दो वर्षों में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के आंकड़े भी मांगे। मंत्री के जवाब में यह स्पष्ट हुआ कि जब क्षेत्र में कोई केंद्र ही संचालित नहीं है, तो प्रशिक्षण और रोजगार का सवाल ही नहीं उठता। इस जवाब ने क्षेत्र में कौशल विकास की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रीमती लहरे ने दूरस्थ गांवों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने और मोबाइल ट्रेनिंग यूनिट चलाने की संभावनाओं पर भी सरकार से जवाब मांगा। हालांकि मंत्री ने केवल आईटीआई भटगांव को प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी होने की बात कही, लेकिन वर्तमान में युवाओं के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने की बात स्वीकार की।
सबसे चौंकाने वाली जानकारी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना को लेकर सामने आई। मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता बताती है, तो फिर बिलाईगढ़ जैसे क्षेत्र को बजट से क्यों वंचित रखा गया?
विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा कि बिलाईगढ़ के युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से वंचित रखना अन्याय है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल क्षेत्र में कौशल विकास केंद्र शुरू किए जाएं और पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को बाहर भटकना न पड़े।
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि विधायक द्वारा उठाया गया यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और सरकार को इस पर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए। अब देखना यह है कि सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर बिलाईगढ़ के युवाओं के लिए जमीनी स्तर पर क्या ठोस पहल करती है।


