भूमि आवंटन घोटाला: सारंगढ़ नगर पालिका के उपाध्यक्ष और 7 पार्षद पद से पृथक

सारंगढ़ नगर पालिका के उपाध्यक्षर रामनाथ सिदार सहित प्रेसीडेंट इन कौर्सिल के 7 पार्षदो को भूमि आवंटन मामले मे अनियमितता पाये जाने पर आशिंक दोषी ठहराते हुए अपर कलेक्टर ने छ.ग. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 के तहत कार्यवाही करते हुए पद से पृथक कर दिया है तथा आगामी अवधि के लिये पार्षद पद के लिये अयोग्य घोषित किया गया है। इस आदेश की जानकारी मिलने के बाद से सारंगढ़ की राजनिति में गर्माहट बढ़ गई है। हटाये गये सभी पार्षद कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीते थे। वही इसी मामले में 17 जून को नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी बंजारे के खिलाफ कार्यवाही को लेकर राजधानी रायपुर में नगरीय प्रशासन विभाग में सुनवाई होनी है।
दरअसल पूरा मामला 2022 में सामने आया जब संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास इन्द्रावती भवन, छत्तीसगढ़ नवा रायपुर द्वारा शासन के पत्र क्रमांक/8043/6615/18 दिनांक 29.11.2022 के अनुपालन में नगर पालिका सागढ़ के सी.एम.ओ. द्वारा नियम कानूनों को ताक में रखकर शासकीय व न.पा. भूमि को निजी लोगों को बेचे जाने संबंधी चंदी केशरवानी, रायगढ़ रोड, सारंगढ़ के शिकायती पत्र में उल्लेखित तथ्यों की जाँच संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय, बिलासपुर से कराई गई। क्षेत्रीय कार्यालय विलासपुर ने दिनांक 20.03.2023 अनुसार न.पा. सारंगढ़ में नियम विरूद्ध शासकीय व न.पा. की भूमि को क्रय मूल्य पर बेचे जाने संबंधी शिकायत सही पाया गया है। जिसके लिये पी.आई.सी. बैठक के अध्यक्षा श्रीमती सोनी अजय बंजारे, न.पा. सारंगढ़ पूर्णतः उत्तरदायी है, क्योंकि छ.ग. नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 51 के तहत् पतिद की समस्त सम्मिलन की अध्यक्षता
कामकाज संचालन के विनियमन हेतु वे प्राधिकृत है। साथ ही पी.आई.सी. की बैठक में उपस्थित रहे सदस्य रामनाथ सिदार उपाध्यक्ष, नगरपालिका परिषद सारंगढ़ एवं न.पा. वार्ड पार्षद श्रीमती कमला किशोर निराला, श्रीमती गीता महेन्द्र थवाईत, श्रीमती सरिता शंकर चन्द्रा, श्रीमती संजिता सिंह सरिता, शुभम बाजपेयी, श्रीमती शाति लक्ष्मण मालाकार आंशिक रूप से उत्तरदायी है। जिसके बाद छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद सारंगढ़ के पार्षदगणों के विरुद्ध, शासकीय एवं नगरपालिका की भूमि के अनुचित तरीके से विक्रय, कर्तव्यों के दुरुपयोग तथा सार्वजनिक हितों की उपेक्षा के आरोपों के आधार पर किया गया। प्राप्त रिकार्ड के अनुसार संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, रायपुर द्वारा संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय, बिलासपुर से कराई गई जांच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से उजागर हुआ कि शासकीय एवं नगसालिका की भूमि को नियमों को ताक पर रखकर क्रय मूल्य पर निजी व्यक्तियों को विक्रय किया गया। इस प्रक्रिया में नगरपालिका परिषद
की पी.आई.सी. (स्थायी समिति) की बैठक में लिए गए निर्णयों में पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का घोर अभाव पाया गया। जांच प्रतिवेदन अनुसार पी.आई.सी. को अध्यक्षा श्रीमती सोनी अजय बंजारे मुख्य रूप से दोषी पाई गई हैं, किन्तु उक्त निर्णय में सहभागी रहे सदस्यगण श्री रामनाथ सिदार (उपाध्यक्ष), श्रीमती कमला किशोर निहला, श्रीमती गीता महेन्द्र चवाईत, श्रीमती सरिता शंकर चन्द्रा, श्रीमती सजिता सिंह सरिता, शुभम बाजपेयी, औमाही शांति लक्ष्मण मालाकार भी आंशिक रूप से दोषी पाए गए हैं, जिन्होंने न तो आपत्ति दर्ज की, न ही विधिसम्मत प्रक्रिया के पालन की अपेक्षित जिम्मेदारी निभाई।
छ.ग. शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रामपुर अठल नगर के पत्र क्रमांक जैनकोर-34/22/2025-अर्बन नवा रायपुर अदल नगर दिनांक 12/03/2025 द्वारा संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास इन्द्रावती भवन, छत्तीसगढ़ नया रायपुर के पत्र क मांक/लो. आ./204/2022/755
रायपुर दिनांक 28/04/2023 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न कर नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 अनुसार कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। इस प्रकरण में कार्यालय कलेक्टर जिला सारंगढ़-विलाईगढ़ (छ.ग.) के पत्र क्रमांक /1498/व.लि./20.25 सारंगढ़, दिनांक 24/04/2025 द्वारा छ. ग. शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर के पत्र क्रमांक जैनकोर 34/22/2025-अर्बन नवा रामपुर अटल नगर दिनांक 12/03/2025 में नगर पालिका परिषद् सागड़ के पार्षद श्री रामनाथ सिदार, श्रीमती कमला किशोर निराला, श्रीमती गीता महेन्द्र थवाईत, श्रीमती सरिता शंकर चन्द्रा, श्रीमती संजिता सिंह सरिता, श्री शुभम बाजपेयी, श्रीमती शाति लक्ष्मण मालाकार निर्वाचित पार्षद के विरूद्ध छ.ग. नगर नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 अनुसार कार्यवाही हेतु प्राप्त होने पर प्रारंभ किया गया। इस मामले में प्रकरण दर्ज कर शिकायतकर्ता एवं अनावेदकगण/पार्षदों को नोटिस जारी कर मुख्य नगर पालिका
अधिकारी न.पा. सारंगढ़ के माध्यम से तामिली कराया गया। सुनवाई तिथि दिनांक 14.05.2025 को शिकायतकर्ता अनुपस्थित रहे तथा अनावेदकगण/पार्षदों की ओर से अधिवक्ता श्री प्रकामा चौधरी उपस्थित रहे। जवाब हेतु समय दिये जाने उपरांत जवान प्रस्तुत नहीं। जवान प्रस्तुति हेतु अवसर प्रदान किये जाने के लिए दिनांक 04/06/2025 को आवेदन प्रस्तुत किया गया। विचारोपरान्त प्रस्तुत आवेदन अस्वीकार कर दिया गया। बताया जा रहा है कि नगर पालिका आध्यक्ष रामनाथ सिदार सहित 7 पार्षदो ने इस प्रकरण में दो बार मौका दिये जाने के चाद ना तो पेशी पर उपस्थित हुए और ना ही अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिसके बाद 5 जून 2025 को अपर कलेक्टर न्यायालय द्वारा 7 पार्षदो को पद से पृथक करने संबंधी आदेश प्रसारित कर दिया। आदेश में अंकित किया गया है कि नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित पदीय दायित्वों के निर्वाहन में चूक किया है इस प्रकार उपरोक्त पार्षदगणों को पदीय दायत्विों के प्रति अवचार का दोषी पाए गए हैं। जिससे उनका पद पर बने रहना वांछनीय नहीं है। अतएव नगर पालिका अधिनियम 1961, की धारा 41 के तहत् अनावेदकगण पार्षद श्री रामनाथ सिदार, श्रीमती कमला किशोर निराला, श्रीमती गीला महेन्द्र थवाईत, श्रीमती सरिता शंकर चन्द्रा, श्रीमती संजिता सिंह सरिता, श्री शुभम बाजपेयी, श्रीमती शांति लक्ष्मण मालाकार को पार्षद पद से पृथक किये जाने का आदेश पारित किया जाता है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41 को उपधारा (3) में निहित प्रावधानों के के अनुपालन में यह आदेश भी पारित किया जाता है कि उक्त पार्षद, यथास्थिति, किसी भी नगर पालिका परिषद या नगर पंचायत का, असकी आगामी अवधि के लिए पार्षद बनने का पात्र नाहीं होगा।


