इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, 800 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
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रायपुर,3/9/2026
छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषक नगर में गुरुवार को विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उससे बचाव के प्रभावी उपायों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल, पुलिस उपायुक्त मध्य जोन तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर गौरव मंडल सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के साथ कलिंगा विश्वविद्यालय और मैट्स विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों समेत करीब 800 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

फर्जी कॉल से डिजिटल अरेस्ट तक, साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूपों और ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी। फर्जी कॉल और लिंक, ओटीपी के नाम पर ठगी, बैंक एवं यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, नौकरी एवं लोन के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए गए।

विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक संबंधी गोपनीय विवरण और पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने से भी बचने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। पीड़ित व्यक्ति को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को भी सूचना देनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

युवाओं से जागरूकता आगे बढ़ाने की अपील
कार्यक्रम में युवाओं से स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के साथ परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
कार्यक्रम के माध्यम से ‘सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाएं’ का संदेश दिया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग कर रहा है।



