ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था को लेकर पीएचई विभाग अलर्ट, दूरस्थ गांवों तक पहुंचाई जा रही स्वच्छ जल सुविधा

36garhnewsupdate.comरायपुर, 25 मई 2026। भीषण गर्मी, उमस और बढ़ते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। विभाग की टीमें वनांचल और दूरस्थ गांवों तक स्वच्छ एवं नियमित पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार मैदान में जुटी हुई हैं।
राज्य शासन के निर्देश पर विभाग के तकनीकी कर्मचारियों और हैंडपंप मैकेनिकों को खराब हैंडपंपों, पाइपलाइन संबंधी समस्याओं एवं पेयजल आपूर्ति में आने वाली बाधाओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत विभागीय अधिकारी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग की टीमें कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीणों को राहत पहुंचाने दिन-रात कार्य कर रही हैं। जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

विभाग द्वारा ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। लोगों से आवश्यकता न होने पर नल बंद रखने, पानी का दुरुपयोग रोकने और जल बचाने की अपील की जा रही है। विभाग का कहना है कि पानी केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य संसाधन है, इसलिए इसका संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पीएचई विभाग की टीम ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के साथ बैठक कर योजनाओं के सुचारू संचालन में जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। ग्रामीणों को जल कर संग्रहण के महत्व की जानकारी दी जा रही है, ताकि योजनाओं का रखरखाव लंबे समय तक प्रभावी ढंग से जारी रखा जा सके। साथ ही प्रत्येक घर के नल कनेक्शन के पास सोख्ता गड्ढा निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण और स्वच्छता दोनों सुनिश्चित हो सकें।


