“CMO को नहीं जानकारी… फिर वार्ड 7 में किसके संरक्षण में चल रहा कथित अवैध निर्माण?”
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सौरभ यादव/ 36गढ़ न्यूज़ अपडेट
तिल्दा-नेवरा के वार्ड क्रमांक 7 में राइस मिल के बगल चल रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर अब माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। जिस निर्माण को लेकर पहले सिर्फ स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही थी, अब वही मामला नगर पालिका की कार्यप्रणाली, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है मामला तब और गंभीर हो गया जब इस निर्माण को लेकर नगर पालिका के CMO से सवाल किया गया जवाब में *उन्होंने कहा —* हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है CMO के इस बयान के बाद अब लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्योंकि शहर के बीचों-बीच, मुख्य इलाके में खुले तौर पर निर्माण कार्य चलता रहे और जिम्मेदार विभाग को इसकी जानकारी तक न हो यह बात आम जनता को समझ नहीं आ रही स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका को वास्तव में जानकारी नहीं है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। और यदि जानकारी होने के बावजूद अनजान बनने की कोशिश की जा रही है, तो मामला और भी गंभीर माना जा रहा है
निर्माण स्थल को लेकर उठ रहे कई सवाल सूत्रों के अनुसार, राइस मिल के बगल जिस स्थान पर कथित अवैध निर्माण किया जा रहा है, वहां बीते कुछ समय से लगातार गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अब तक न तो सार्वजनिक रूप से किसी अनुमति की जानकारी सामने आई है और न ही संबंधित दस्तावेज लोगों को दिखाए गए हैं
इसी वजह से अब वार्डवासियों के बीच संदेह और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
*लोग पूछ रहे हैं —*
क्या निर्माण की वैधानिक अनुमति ली गई है यदि अनुमति ली गई है, तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा
नगर पालिका की निगरानी टीम आखिर क्या कर रही थी
बिना प्रशासनिक जानकारी के इतना बड़ा निर्माण संभव कैसे हो गया कुछ लोगों का कहना है कि यदि एक आम नागरिक छोटा निर्माण भी करता है, तो उसे कई प्रकार की अनुमति और जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। फिर इतना बड़ा कथित अवैध निर्माण बिना सवालों के कैसे आगे बढ़ गया
*जानकारी नहीं बयान ने बढ़ाया विवाद* CMO के जानकारी नहीं वाले बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।
अब लोग इसे सिर्फ एक निर्माण का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यशैली से जोड़कर देख रहे हैं वार्ड के कई लोगों का कहना है कि शहर में यदि कोई छोटा व्यापारी बोर्ड लगाता है या कोई नागरिक मामूली निर्माण करता है, तो तत्काल नोटिस और कार्रवाई की बात सामने आ जाती है। लेकिन यहां कथित तौर पर बड़ा निर्माण कार्य चल रहा है और जिम्मेदार विभाग को जानकारी तक नहीं यह सवाल लोगों को परेशान कर रहा है इसी को लेकर अब इलाके में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं न कहीं सेटिंग संरक्षण या प्रभाव के चलते मामले को नजरअंदाज तो नहीं किया जा रहा। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जनता के बीच सवाल लगातार बढ़ रहे हैं स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश वार्ड क्रमांक 7 के कई स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण पूरी तरह वैध है, तो नगर पालिका खुलकर इसकी जानकारी जनता के सामने रखे वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए लोगों का साफ कहना है कि शहर में नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए कई नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि नगर पालिका को वास्तव में जानकारी नहीं थी, तो निगरानी व्यवस्था आखिर काम कैसे कर रही है
*जांच हुई तो हो सकते हैं बड़े खुलासे*
इलाके में यह चर्चा अब तेजी से फैल रही है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हुई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं
लोगों का मानना है कि मामला सिर्फ एक निर्माण तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे जमीन, अनुमति और प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े सवाल जुड़े हो सकते हैं फिलहाल जनता सिर्फ एक जवाब चाहती है आखिर बिना *CMO को जानकारी लगे कथित निर्माण कैसे हो रहा है और किसके संरक्षण में चल रहा है यह पूरा निर्माण खेल*


